सरकारी विभागों में अपनी सेवाओं का लंबा सफर तय करने के बाद रिटायर्ड अधिकारी व कर्मचारियों का पुलिस परिवार के सदस्यों के साथ आम लोगों की मदद करने की मुहिम हमेशा प्रेरणा देने वाली है। सरकारी विभागों में लंबा वक्त कामकाजी जीवन व्यतीत कर अक्सर परिवार में रहने की फिक्र जहन में होती है, इसके बावजूद इससे दूर आम लोगों के बीच पहले की तरह बने रहकर उनकी गुहार सुनने की कवायद हौसला बढ़ाने वाली है। प्रदेश की राजधानी में पुलिस परिवार के बीच कई ऐसे सेवानिवृत्त अफसर हैं, जो पहले की तरह लोगों के बीच उनकी मदद के लिए बने हुए हैं। उम्रदराज पड़ाव में भी पुलिस परिवार में कल को संवारने के लिए जुट गए हैं। 55 से 75 साल की उम्र में भी दूसरों के लिए सलाह और साथ देने अपनी भूमिका बांध रहे हैं।

एनजीओ और सीएसआर से काम करने की जगह विधिक सहायता के जरिए सामाजिक सरोकार के कार्यक्रमों तक में अपनी बानगी लिखी है। पुलिस परिवार कल्याण की दिशा में हर दिन नई-नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। आठ साल पहले डीएसपी के पद से रिटायर्ड अनिल पाठक के मुताबिक कई अधिकारी आज भी उसी ऊर्जा से काम कर रहे हैं, जिससे लोगों को मदद मिल रही है। परिणाम यह है कि कल्याण संघ तैयार होने के बाद करीब सौ लोगों ने इतने ही प्रकरणों में लाभ उठाया। न्यायालयीन प्रकरणों में सलाह लेकर आगे की कार्रवाई तय की। सेवानिवृत्त अफसर पाठक का कहना है कि पुलिस परिवारों के बीच अभी भी कई ऐसे काम करने बाकी हैं, जिनसे मदद के प्रयास भी बढ़ेंगे। वैसे राज्य में केंद्रीय स्तर व प्रदेश स्तर पर सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के कल्याण संघ संचालित हैं। समय-समय पर विशेष तरह के आयोजनों में अपनी भागीदारी तय कर रहे हैं।

सदस्यता शुल्क से प्रोत्साहन का प्रयास 
सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संघ व राजपत्रित पुलिस कल्याण संघ की अगुवाई में पदाधिकारी बतौर सदस्यता शुल्क से फंड जमा कर रहे हैं। पांच सौ रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक की फीस तय करते हुए इससे परिवार कल्याण के कार्यक्रमों के प्रायोजनों का प्रयास हो रहा है। देखा गया है रिटायर्ड अधिकारी व कर्मचारी के घर में किसी भी तरह की इमरजेंसी में मुश्किलें बढ़ती हैं। इस दौरान बुनियादी तरीके से संघ के पदाधिकारी परिवार के बीच हौसला बढ़ाने का काम करते हैं।

सरकारी स्कीम पास रखकर दे रहे हैं लाभ 
संघ के पदाधिकारी पुलिस कल्याण परिवार के सदस्यों तक सरकारी स्कीमों को लाने प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में कल्याण संघ ने सैकड़ों लोगों का आधार कार्ड अपने प्रयासों से बनवाया। जबकि स्मार्ट कार्ड के लिए भी सदस्यों को जागरूक किया। लाभप्रद योजनाओं में हमेशा अलर्ट करने संपर्क कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की।

संपर्क से फरियादियों ने कम की मुश्किलें 
पुलिस कल्याण संघ के प्रयासों से रायपुर शहर में ही करीब सौ लोगों ने थाना संबंधी मामलों में अपनी समस्याएं खत्म की। पुलिस थानों में सुनवाई नहीं होने की दिशा में संघ से संपर्क साधा। उनकी बातें सुनने के बाद मुख्यालय स्तर पर रिपोर्ट दी गई जिस पर तुरंत एक्शन हुआ और न्याय मिल सका।

इन योजनाओं में काम करने का प्रयास

  • 400 से ज्यादा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी कल्याणकारी योजनाओं से जुटे।
  • पेंशन योजना, कोर्ट में पेशी कार्रवाई के लिए पुरानी योजनाओं में तब्दील करने शासन स्तर पर बना रहे नीति।
  • 70 हजार पुलिसकर्मी परिवारों में मदद, काउंसिलिंग के लिए विधिक सहायता सदस्यों की तय हो रही जवाबदारी।

By Krishan Kumar