रायपुर शहर स्मार्ट सिटी की राह पकड़ चुका है। विकास की ट्रेन सरपट दौड़ने के साथ ही प्रदेश की राजधानी हर दिन नई पहचान गढ़ रही है। सड़क, पुल या फिर हों इमारतें, शहर का कोना-कोना बदल चुका है। करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य जिस गति से हुए, उन्होंने हर हिस्से की सूरत बदल डाली है। 

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स्मार्ट सिटी के लिए रायपुर शहर को मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकार ने 290 करोड़ रुपये के विकास कार्य पूर्ण करने का ऐलान किया है। बिजली-पानी की नई सुविधाएं मिलने से लोगों ने राहत महसूस की है। 15 लाख की आबादी वाले शहर में पुरानी 32 पानी टंकियों के साथ नगर निगम की सीमा से जुड़े गांवों में सात और शहर के भीतर दो नई पानी टंकियां मिशन अमृत की योजना में बनेंगी। 

जलसंकट वाले इलाके में लोग राहत की सांस ले सकेंगे। निगम और बिजली विभाग की अंडर ग्राउंड केबलिंग योजना से बिजली खपत की समस्या कम होगी। स्मार्ट सिटी के फार्मूले से सुविधाएं बढ़ेंगी। पानी, बिजली को लेकर अभी आधा रास्ता ही तय हो पाया है, आधा करना बाकी है। शहर के सभी हिस्सों में शुद्ध पानी की पाइप-लाइन, नई पानी की टंकियों का निर्माण, पार्किंग की सुविधा, झुग्गी बस्तियों में रहने वालों के लिए पक्के मकान शहर की जरूरत हैं। 

देश में मिली पहचान 

 

 भव्य ऑडिटोरियमः 15 सौ दर्शकों की बैठक क्षमता वाला पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पूरी तरह से वातानुकूलित है, जिसमें वीआईपी लॉज की भी सुविधा है। दिव्यांगों के लिए दो लिफ्ट एवं रैंप भी बनवाया गया है। 100 एवं 60 सीटर वाला दो कन्वेन्शन हॉल भी हैं। यह बाहर से जितना आकर्षक है, उतना ही अंदर से। बाहरी हिस्से को छत्तीसगढ़ी संस्कृति से गढ़ा गया है। 

आकर्षक आर्च ब्रिजः आर्च ब्रिज की लंबाई करीब 730 मीटर जो पंडरी स्टैंड केनाल रोड से लालपुर तक के सफर को आसान करता है। इस ब्रिज से शहर की 20 फीसद से अधिक ट्रैफिक समस्या का निदान हो चुका है। पुल से सर्विस रोड आने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं, मनमोहक चित्रकारी और दो हजार रंगीन एलईडी बल्ब आकर्षित करते हैं। शहर के अंदर से नया रायपुर की तरफ जाने के लिए नए फ्लाईओवर बनने से राहत है। 

नालंदा परिसरः यह छह एकड़ में फैला एक वर्ल्ड क्लास भवन के साथ हाइटेक शैक्षणिक परिसर है। जहां 24 घंटे और सात दिन संचालित होने वाला देश का अनूठा शैक्षणिक संस्थान, जहां एक साथ एक हजार युवा अध्ययन कर सकते हैं। 

प्राकृतिक माहौल में इनडोर और आउटडोर रीडिंग की सुविधा मुहैया करवाई गई है। लाइब्रेरी में 50 हजार किताबों के साथ 112 हाइटेक कम्प्यूटर, 100 एमबीपीएस स्पीड की इंटरनेट सुविधा भी है। 

जल्द मिलेगी ये सौगातें- 

3.50 किमी का गुढ़ियारी-गोंदवारा केनाल फोरलेन रोड 

लागत- 45.82 करोड़ रुपये। 

1.05 किमी का आमापारा-गुढ़ियारी मार्ग का चौड़ीकरण और उन्न्यन 

लागत - 32.96 करोड़ रुपये। 

710 मीटर लंबे आमानाका पुराने रेलवे ओवर ब्रिज के फोरलेन का चौड़ीकरण 

लागत- 37.43 करोड़ रुपये। 

744 मीटर लंबा गोंदवारा गेट पर बनने वाला रेलवे ओवर ब्रिज 

लागत - 70.08 करोड़ रुपये। 

186 करोड़ में मिशन अमृत- मिशन अमृत योजना के तहत शहर में जुड़े सात गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है। जीवन दायिनी नदी खारून में मिलने वाले शहर के छह बड़े नालों के पानी को साफ करने के लिए चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेंगे। 276 करोड़ के इस निर्माण कार्यों के लिए भूमिपूजन हो चुका है। 

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By Krishan Kumar