महादेव सट्टा: देश के तीसरे सबसे बड़े आर्थिक घोटाले पर ढीला हुआ शिकंजा, 28 में से सिर्फ 2 आरोपी जेल में
महादेव सट्टा एप प्रकरण देश के तीसरे सबसे बड़े आर्थिक घोटाले के रूप में सामने आया है, जिसमें ईडी ने ...और पढ़ें

महादेव सट्टा केस में ढीली पड़ी ED-CBI की कार्रवाई
HighLights
महादेव सट्टा एप देश का तीसरा सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला।
एक लाख करोड़ रुपये के कथित लेन-देन नेटवर्क का ईडी दावा।
मुख्य प्रमोटर सहित 86 आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर।
डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ में सामने आया महादेव सट्टा एप प्रकरण देश के तीन बड़े आर्थिक घोटालों में गिना जा रहा है। ईडी ने सट्टा एप से जुड़े कथित लेन-देन नेटवर्क का दायरा करीब एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया है।
यूपीए शासनकाल में कोयला ब्लाक आवंटन और टूजी स्पेक्ट्रम से जुड़े बड़े घोटाले सामने आए थे, जिसमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इस प्रकरण में जांच एजेंसियों ने अब तक कुल 114 आरोपियों को नामजद किया है, लेकिन गिरफ्तारी मात्र 28 आरोपियों की ही हो पाई है।
गिरफ्तार आरोपियों में से 26 को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। वर्तमान में केवल अभिषेक कुमार सिंह और दिल्ली के कारोबारी विकास गर्ग रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। एप के प्रमोटर समेत 86 आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में प्रकरण में जांच की गति और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में महादेव एप सट्टेबाजी का प्रकरण सामने आया था। इसकी जांच पिछले करीब चार वर्षों से ईडी और सीबीआई कर रही है। जांच का दायरा केवल सट्टेबाजी के ऑनलाइन नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित तौर पर हवाला, मनी लांड्रिंग, फर्जी बैंक खातों और देश-विदेश में फैले वित्तीय नेटवर्क तक पहुंच चुका है।
मुख्य सरगना अब भी पकड़ से दूर
मामले में एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर,रवि उप्पल और शुभम सोनी का नाम प्रमुखता से सामने आया है। इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस, गैर-जमानती वारंट और ओमान-दुबई में ट्रैक किए जाने के बावजूद अब तक सरगनाओं को भारत नहीं लाया जा सका है।
जांच एजेंसियों ने 3,800 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के साथ ही बैंक खातों तथा अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े सुराग तलाशे हैं। प्रमोटर के चाचा सहित कई प्रमुख आरोपी जमानत पर बाहर महादेव सट्टा मामले में मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के चाचा सतीश चंद्राकर को भी गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में आरोपी सतीश चंद्राकर जेल से बाहर है।
इसके साथ ही निलंबित एएसआइ चंद्रभूषण वर्मा, भीम सिंह यादव, अर्जुन यादव, हवाला कारोबारी सुनील दम्मानी व उसका भाई अनिल दम्मानी, कारोबारी सूरज चोखानी, गिरिश तलरेजा सहित कुल 26 आरोपी अभी जमानत पर बाहर हैं।
