महादेव ऑनलाइन सट्टा एप: चार साल की कार्रवाई के बाद भी नेटवर्क सक्रिय, 94 हजार करोड़ का कारोबार जारी
महादेव ऑनलाइन सट्टा एप का अवैध कारोबार ₹94 हजार करोड़ से अधिक तक पहुंचने का दावा है, प्रतिबंध और चार ...और पढ़ें

एजेंसियों की कार्रवाई के बाद भी महादेव एप का नेटवर्क सक्रिय
HighLights
महादेव एप का अवैध कारोबार ₹94 हजार करोड़ से अधिक।
₹3,800 करोड़ से अधिक की संपत्तियां अटैच, नेटवर्क जारी।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर भी लगे थे हवाला के आरोप।
डिजिटल डेस्क, रायपुर। ईडी ने महादेव आनलाइन सट्टा का अवैध कारोबार 94 हजार करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचने का दावा किया है। केंद्र सरकार द्वारा एप पर प्रतिबंध लगाए जाने और चार साल से ईडी, सीबीआई, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद इसका डिजिटल नेटवर्क खत्म नहीं हुआ है।
एजेंसियां अब तक 3,800 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच कर चुकी हैं, साथ ही 2,000 सिम और 1,700 बैंक खाते भी ब्लाक किए जा चुके हैं। नवंबर 2023 में इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 22 एप पर प्रतिबंध लगाया था, इसके बावजूद नए डोमेन से अवैध कारोबार जारी है।
महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े मामलों में अलग-अलग जांच एजेंसियों ने 114 लोगों और कंपनियों को आरोपित बनाया है। अब तक सीबीआई 11 और ईडी छह चार्जशीट दाखिल कर क्रमश: 72 व 42 लोगों को आरोपित बना चुकी है।
इनमें सीबीआई ने 12 और ईडी ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी समेत अन्य मुख्य आरोपित दुबई, श्रीलंका, मलेशिया, इंडोनेशिया, ओमान जैसे देशों से कारोबार चला रहे हैं। इनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया धीमी रफ्तार से चल रही है।
मनी लांड्रिंग मामले में ईडी ने हाल ही में ईजमायट्रिप से जुड़े निशांत पिट्टी के 59.60 करोड़ रुपये के शेयर अटैच किए हैं।
भूपेश बघेल पर लगे थे आरोप
यह मामला राजनीतिक कारणों से भी चर्चा में रहा है। जांच एजेंसी ने वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव के लिए 508 करोड़ रुपये की रकम विदेश से हवाला के जरिये पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक भेजे जाने के आरोप लगाए थे। हालांकि, अब तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
डोमेन बदला, नेटवर्क फिर सक्रिय
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कार्रवाई से बचने के लिए सट्टा संचालक लगातार डोमेन, सर्वर, मोबाइल नंबर और बैंक खाते बदलते हैं। एक एप या वेबसाइट ब्लाक होने के बाद नए नाम और डोमेन से कारोबार शुरू कर दिया जाता है। अब महादेव आनलाइन सट्टा एप नाम का इस्तेमाल कम कर अलग-अलग नामों से वेबसाइट और एप चलाने की बात सामने आई है।
वाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफार्म पर सट्टे की आइडी उपलब्ध कराई जा रही है। संपर्क करने पर बैंक खाता नंबर भेजा जाता है और रकम जमा होते ही यूजर को आइडी-पासवर्ड उपलब्ध करा दिया जाता है।
