छत्तीसगढ़ में खूंखार तेंदुए का आतंक: धामतर और कोंडागांव के दो गांवों में सात लोग घायल, ड्रोन से तलाश जारी
छत्तीसगढ़ के धमतरी और कोंडागांव जिलों में एक खूंखार तेंदुए ने 24 घंटे में 7 ग्रामीणों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में खूंखार तेंदुए का आतंक (AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
तेंदुए ने 24 घंटे में 7 ग्रामीणों को घायल किया।
धमतरी और कोंडागांव जिलों में दहशत का माहौल।
वन विभाग ड्रोन से निगरानी कर तेंदुए को पकड़ रहा।
डिजिटल डेस्क, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के धमतरी और कोंडागांव जिलों की सीमा पर स्थित गांवों में इन दिनों एक खूंखार तेंदुए ने जमकर आतंक मचा रखा है। पिछले 24 घंटों के दौरान इस तेंदुए ने दो अलग-अलग गांवों के 7 ग्रामीणों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार कॉम्बिंग कर रही है। वन अधिकारियों के अनुसार, धमतरी और कोंडागांव की सीमा पर हमलों को अंजाम देने वाला तेंदुआ एक ही है।
धमतरी जिला के कारीपानी गांव में मचाया आतंक
बता दें कि यह तेंदुआ सबसे पहले उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बहीगांव कारीपानी के पास में देखा गया था। वन विभाग बुधवार से ही इसे पकड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।
बुधवार देर रात यह तेंदुआ कारीपानी गांव में घुस गया। घर के बाहर आवाज सुनकर जब 60 वर्षीय उर्मिला बाई मरकाम बाहर निकलीं, तो तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। अपनी बहन को बचाने दौड़े उनके भाई 60 वर्षीय सुंदर लाल नेताम और बीच-बचाव करने पहुंची एक पड़ोसी महिला मनाई बाई भी तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए।
तीनों घायलों को एम्बुलेंस से नगरी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उर्मिला बाई और सुंदर लाल को धमतरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि मनायी बाई का इलाज नगरी में जारी है।
बस्तर बुद्रा गांव में चार लोगों को बनाया निशाना
मिली जानकारी के अनुसार, इसके तुरंत बाद तेंदुआ टाइगर रिजर्व से लगे घने जंगलों वाले कोंडागांव जिले के बस्तर बुद्रा गांव में पहुंच गया। वहां उसने चार अन्य ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ड्रोन से हो रही निगरानी, पकड़ने की कोशिशें तेज
गौरतलब है कि घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ वन अधिकारी तुरंत प्रभावित इलाकों में पहुंच गए हैं। तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
