छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जोगी पार्टी के विलय की सुगबुगाहट, क्या कमजोर होगी भूपेश बघेल की पकड़?
छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले जोगी कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की अटकलें तेज हो गई हैं, जिससे भूपेश बघेल की पकड़ कमजोर होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल।
HighLights
जोगी कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की अटकलें तेज।
भूपेश बघेल की पार्टी में पकड़ कमजोर होने की संभावना।
नए प्रभारी सुखदेव भगत 27 सितंबर को करेंगे चर्चा।
राज्य ब्यूरो, रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी अक्टूबर-नवंबर में होने वाले 15 नगरीय निकाय चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान बगावत करने वाले 36 नेताओं की घर वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का विरोधी खेमा भी शामिल है।
इस बीच राज्य के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी (जेसीसीजे) के कांग्रेस में विलय को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन के भीतर एक बड़ा धड़ा जोगी कांग्रेस की वापसी के पक्ष में है। यही कारण है कि भूपेश बघेल के तमाम विरोध के बावजूद इस प्रस्ताव पर सहमति बनाने की अंदरूनी कोशिशें चल रही हैं। यदि जोगी कांग्रेस का विलय संभव हुआ तो पार्टी के भीतर भूपेश की कमजोर होती पकड़ के दावों को बल मिल जाएगा।
हालांकि, इस पर अंतिम मुहर पार्टी हाईकमान ही लगाएगा।पार्टी की नेता व पूर्व विधायक डा. रेणु जोगी और अमित जोगी ने कांग्रेस में पार्टी के विलय के लिए आवेदन दिया है।
उल्लेखनीय है कि अमित जोगी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। इसके साथ ही, टीएस सिंहदेव के धुर विरोधी माने जाने वाले पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने भी कांग्रेस में वापसी के लिए आवेदन दिया है। कुछ भाजपा के बागी नेताओं के भी कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव 2018 में जेसीसीजे के पांच विधायकों ने चुनाव जीता था, हालांकि उस समय कांग्रेस सत्ता में आई थी और भाजपा के खिलाफ जनता में रोष था।27 सितंबर को नए प्रभारी के दौरे पर होगी अहम चर्चाअब नजरें 27 सितंबर को प्रदेश के नवनियुक्त कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के रायपुर दौरे पर टिकी हैं। उनके दौरे के दौरान प्रदेश पदाधिकारियों के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में जोगी कांग्रेस के विलय पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि जोगी कांग्रेस का हाथ कांग्रेस के साथ जुड़ेगा या नहीं। बता दें कि सुखदेव भगत को इसी महीने प्रदेश का नया कांग्रेस प्रभारी नियुक्त किया गया है।
कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने स्पष्ट किया है कि जोगी कांग्रेस का मामला सीधे तौर पर पार्टी के विलय से जुड़ा है, इसलिए इस पर नए प्रदेश प्रभारी के साथ विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। वहीं जोगी पार्टी के विलय की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ठीक वैसी ही है जैसे डूबते को तिनके का सहारा होता है।
