कभी मीलों दूर से पानी लाती थीं महिलाएं, अब साय सरकार में घर की चौखट तक पहुंचा 'नल से जल'
छत्तीसगढ़ में साय सरकार के 'हर घर जल' संकल्प ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन को बदल दिया है, जहां अब ...और पढ़ें

HighLights
महिलाओं को पानी के लिए मीलों दूर जाने से मिली मुक्ति।
घर में नल से स्वच्छ जल, समय की बचत और सुविधा।
बच्चों की पढ़ाई और परिवार के अन्य कार्यों पर ध्यान बढ़ा।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के ग्राम पंडरी से उठी बदलाव की नई बयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। उस समय देश के 18.93 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 17 प्रतिशत (लगभग 3.23 करोड़) के पास ही नल से जल की सुविधा थी। पिछले सात वर्षों की निरंतर यात्रा में इस योजना ने न केवल पाइपलाइन बिछाने का काम किया, बल्कि इसे जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और 'ग्रे-वॉटर मैनेजमेंट' के साथ एक जन आंदोलन का रूप दे दिया है।
महिलाओं के जीवन में आया यह बदलाव केवल सुविधा का नहीं, बल्कि जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार का है। घर-घर सुरक्षित पेयजल पहुंचने से जल जनित बीमारियों का खतरा कम हुआ है। दूर से पानी ढोने की कठिन शारीरिक मेहनत से राहत मिलने से महिलाओं को आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। पानी लाने की मजबूरी खत्म होने से बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की स्कूल उपस्थिति और खेलकूद का समय बढ़ा है।
