नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ के टाइप-1 डाइबिटीक बच्चों को बाल दिवस से निशुल्क इंसुलिन मिलने लगेगी। अक्टूबर 2014 में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री बाल मधुमेह योजना की घोषणा की थी। स्वास्थ्य विभाग ने इंसुलिन खरीद के लिए मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) को निर्देश जारी कर दिया है। यही नहीं पीडि़त बच्चों को ढूंढ़ऩे के लिए जिला सीएमएचओ को भी निर्देश जारी किए गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक, राज्य में 2500-3000 हजार बच्चे टाइप-1 डाइबिटीज से पीडि़त हो सकते हैं। देश में इस तरह की यह पहली योजना होगी जिसे छत्तीसगढ़ सरकार लागू करने जा रही है।

योजना के तहत शून्य से 14 साल तक के बच्चों का पंजीयन होगा, जिन्हें 21 साल तक सरकार इंसुलिन देगी। इस योजना के लिए तीन करोड़ का बजट पहले ही जारी हो चुका है। प्रत्येक बच्चे पर प्रति वर्ष 25 हजार रुपये खर्च होंगे।

सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने शुक्रवार को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की। शनिवार को योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन ने जिला नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर योजना की जानकारी दी।

ये भी जानें

-पैन इंसुलिन होगी। लगाना, कैरी करना, रखरखाव आसान होगा

-माता-पिता को प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा

-इंसुलिन के साथ ही ग्लूकोमीटर, ग्लूको स्ट्रीप दी जाएगी

-हेल्थ एजुकेशन बुकलेट भी मिलेगी

खास बातें :

-0 से 14 साल तक के बच्चों को मिलेगी सुविधा

-21 साल तक की उम्र तक इंसुलिन का खर्च उठाएगी सरकार

-ग्लूकोमीटर, ग्लूको स्ट्रीप भी मिलेंगी मुफ्त।

Posted By: Bhupendra Singh

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