नईदुनिया, रायपुर। करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति बनाने के आरोपों से घिरे अफसरों पर जल्द ही शिकंजा कसने वाला है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के उपायुक्त की सारी संपत्ति कुर्क करने के कोर्ट के आदेश के बाद आरोपियों की धड़कन तेज हो गई है। एसीबी की टॉप 10 की सूची में कई ऐसे अधिकारी शामिल हैं जिनके पास दो नहीं, चार नहीं बल्कि 33 करोड़ रुपये तक की बेनामी संपत्ति बरामद हुई है। सूची में शामिल अधिकारियों का आंकड़ा 70 करोड़ रुपये पार कर रहा है। अगर चालानी कार्रवाई के बाद पर्याप्त सुबूत मिले तो इनकी भी संपत्ति कुर्क होगी। एसीबी पर्याप्त सुबूत जुटाने का दावा कर रही है। बारी-बारी से कोर्ट में चालान पेश किया जा रहा।

नईदुनिया ने एसीबी की छापेमारी के बाद आरोपी बनाए गए अधिकारियों के खिलाफ अब तक हुई जांच के मामले में पड़ताल की। जांच में बेहद चौंकाने वाले रिकॉर्ड सामने आए। टॉप टेन की सूची में ही 10 अधिकारियों को 70 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का मालिक बताया गया है। इन अफसरों के बारे में जांच लगभग पूरी होने की बात कही गई है।

एसीबी के पास पहुंचे 228 में से 151 प्रकरणों में चालानी कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 20 मामलों में जांच तकरीबन पूरी हो चुकी है। बारी-बारी से चालान पेश किया जाएगा। जिस तरह से कोर्ट ने उपायुक्त दीवान के मामले में दो साल के भीतर सजा सुनाई, संभव है कि बड़ी कमाई कर घेरे में फंसे अधिकारियों पर भी गाज गिरे। अघोषित संपत्ति के हिसाब में सबसे ज्यादा जमीनों का हिसाब मिला है।

20 मामलों में शासन से अनुमति मांगीडेढ़ सौ प्रकरणों में चालानी कार्रवाई पूरी होने के बाद 20 दूसरे मामलों में शासन से अनुमति मांगी गई है। कोर्ट में पर्याप्त सुबूत पेश कर चालान पेश किया जाएगा।

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं। बारी-बारी से चालान पेश किया जा रहा। दस पुराने प्रकरणों में भी सुबूत जुटाए गए हैं। आरोपी अफसरों की सूची बनाकर सिलसिलेवार कार्रवाई हो रही- रजनेश सिंह, एसपी, एसीबी।

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Posted By: Bhupendra Singh