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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

Published: Tue, 26 Nov 2024 10:36 PM (IST)Updated: Tue, 26 Nov 2024 10:41 PM (IST)

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज को सिर काटने की धमकियां मिल रही हैं। उन्हें पाकिस्तान के साथ ...और पढ़ें

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी (फाइल फोटो)
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. डॉ. सलीम राज को अफगानिस्तान और कश्मीर के नंबरों से भी आए फोन
  2. 'मस्जिदों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे' वाले बयान के बाद धमकी

 जेएनएन, रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज को सिर काटने की धमकियां मिल रही हैं। उन्हें पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान और कश्मीर के नंबरों से फोन आ रहे हैं। ईमेल से भी सिर काट देने की बातें भी कही गई हैं। उन्होंने आजाद चौक थाने में लिखित शिकायत की है। पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। उन्होंने कहा था कि मस्जिदों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे, इसके बाद से ही उनको धमकियां मिल रही हैं।

उन्होंने प्रदेश की मस्जिदों में धार्मिक तकरीरों को छोड़कर अन्य विषयों पर बोलने के लिए अनुमति लेने का आदेश जारी किया था। सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने मस्जिदों के मुतवल्लियों को मस्जिद में धार्मिक तकरीर यानी प्रवचन के अलावा किसी भी प्रकार के राजनीतिक, सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द्र बिगाड़ने वाले, शासन विरोधी तकरीर पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। कहा गया था कि धार्मिक तकरीर के अलावा मुतवल्लियों को यदि अन्य विषय पर जमात के समक्ष कोई तकरीर देनी है तो उसके लिए बोर्ड से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

152 आवेदन आए 

वक्फ बोर्ड के इस आदेश के बाद विरोध भी हुआ, लेकिन बोर्ड ने अपने निर्देश को यथावत रखा। ऐसे में इस बार जुमे की नमाज में होने वाली तकरीर के लिए प्रदेशभर की 152 मस्जिदों ने वक्फ बोर्ड को यह जानकारी देकर मंजूरी मांगी कि उनकी तकरीर में सिर्फ और सिर्फ धार्मिक बातें ही होंगी।

औचक निरीक्षण भी होगा 

डॉ. सलीम राज ने बताया, मस्जिदों को राजनीति का अखाड़ा बनने से बचाने के लिए ही नियम तय किए गए हैं। अब आने वाले समय में टीमों का गठन भी किया जा रहा है। ये टीमें मस्जिदों का औचक निरीक्षण करेंगी और देखेंगी कि कहीं किसी मस्जिद में धार्मिक तकरीर की जगह किसी तरह सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाली तकरीरें तो नहीं हो रही हैं। ऐसा होने पर नियमानुसार कार्रवाई भी करेंगे।

वक्फ क्या है? (What is Waqf)

वक्फ बोर्ड के बारे में समझने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि वक्फ क्या है? वक्फ अरबी भाषा का शब्द है। इसका अर्थ खुदा के नाम पर अर्पित वस्तु या परोपकार के लिए दिया गया धन होता है। इसमें चल और अचल संपत्ति को शामिल किया जाता है। बता दें कि कोई भी मुस्लिम अपनी संपत्ति वक्फ को दान कर सकता है। कोई भी संपत्ति वक्फ घोषित होने के बाद गैर-हस्तांतरणीय हो जाती है।

क्या है वक्फ बोर्ड? (What is Waqf Board)

वक्फ संपत्ति के प्रबंधन का काम वक्फ बोर्ड करता है। यह एक कानूनी इकाई है। प्रत्येक राज्य में वक्फ बोर्ड होता है। वक्फ बोर्ड में संपत्तियों का पंजीकरण अनिवार्य है। बोर्ड संपत्तियों का पंजीकरण, प्रबंधन और संरक्षण करता है। राज्यों में बोर्ड का नेतृत्व अध्यक्ष करता है। देश में शिया और सुन्नी दो तरह के वक्फ बोर्ड हैं।