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छत्तीसगढ़ में बाघ का आतंक, वन विभाग ने संभाली स्कूली बच्चों की सुरक्षा

Published: Wed, 09 Sep 2026 10:41 PM (IST)

छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में बाघ के खतरे से लोग भयभीत हैं, जिसके चलते वन विभाग ने स्कूली बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने और लाने की जिम्मेदारी ली है।

बच्चों को स्कूल पहुंचाएगा वन विभाग

बच्चों को स्कूल पहुंचाएगा वन विभाग

HighLights

  1. मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में बाघ का खतरा बढ़ा।

  2. वन विभाग स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचाएगा।

  3. बाघ ने बैल का शिकार किया, चरवाहे बचे।

डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में एक बार फिर बाघ का खतरा मंडरा रहा है। बस्तर-महाराष्ट्र के सीमावर्ती औंधी-नवागांव उपवनक्षेत्र में नौ दिनों बाद फिर बाघ की दहाड़ गूंजने से लोग भयभीत हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचाने और लाने की जिम्मेदारी वन विभाग ने ली है।

इधर पिछले 15 दिनों से यह बाघ वन अमले को भी चकमा दे रहा है। अब तक इसे ट्रैप कैमरे में कैद नहीं किया जा सका है। बता दें कि सोमवार को बाघ ने जंगल से लगे क्षेत्र में बैल का शिकार किया, जबकि मंगलवार को दो चरवाहे बाघ के हमले का शिकार होते-होते बचे।

खतरे को देखते हुए वनमंडल ने चार किमी दूर बागडोंगरी तक माध्यमिक शाला आने-जाने वाले स्कूली बच्चों के लिए वाहन की व्यवस्था की है। बुधवार की सुबह इसकी शुरुआत हुई। ग्राम घोटियाकन्हार के आठ बच्चों को इसी वाहन से स्कूल लाया और ले जाया जाएगा।

वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रवीण देहारी ने कहा कि सुरक्षित आवागमन के लिए विभाग ने यह सुविधा शुरू की है।