छत्तीसगढ़: गरीब परिवारों को कर्ज के जाल में फंसाकर हो रहा था 'खेल', नाबालिग गर्भवती हुई तो खुला राज
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ...और पढ़ें
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(एआई से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
महासमुंद में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी नेटवर्क का पर्दाफाश।
नाबालिग के गर्भवती होने से खुला यह काला खेल।
पुलिस ने 10 ठिकानों पर छापेमारी कर 5 आरोपी पकड़े।
डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक बेहद चौंकाने वाला वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के एक ऐसे काले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसके बारे में जानकर खुद पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें पैसों के जाल में फंसाने वाले इस बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ, जब उत्तर प्रदेश के एक ईंट भट्ठे पर काम कर रही 15 साल की एक नाबालिग के गर्भवती होने का मामला सामने आया।
कैसे शुरू हुआ इस काले खेल का खुलासा?
बता दें कि इस पूरे मामले की शुरुआत 21 सितंबर को अस्पताल से मिले एक मेडिकल मेमो से हुई। पुलिस को जानकारी मिली कि एक 15 साल की नाबालिग लड़की गर्भवती हो गई है और उसके साथ शारीरिक शोषण हुआ है।
जब पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तब इस बात का पता चला कि आरोपी गरीब और जरूरतमंद मजदूर परिवारों को पहले कुछ हजार रुपये एडवांस का लालच देता था। एक बार पैसे देने के बाद मजदूरों पर भारी कर्ज का दबाव बनाया जाता था। इसके बाद उन्हें महासमुंद से निकालकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और गुजरात जैसे राज्यों के ईंट भट्ठों पर काम करने के लिए भेज दिया जाता था।
नाबालिग से उत्पीड़न का मामला
मिली जानकारी के अनुसार, इसी नेटवर्क के तहत उस 15 साल की नाबालिग को भी उसके परिवार के साथ यूपी के एक ईंट भट्ठे पर भेजा गया था। आरोप है कि वहां भट्ठे के एक जेसीबी चालक ने उसका शारीरिक शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। जब यह बात सामने आई, तो पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने 10 ठिकानों पर की छापेमारी
मामले के सामने आने के बाद जब महासमुंद पुलिस ने मामले की तह तक जाकर ओडिशा तक फैले इस नेटवर्क के सुराग जुटाए, तो एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी की गई। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में जो बरामद हुआ, उसने सबको सकते में डाल दिया।
भारी नकद के साथ कई चिजें बरामद
मिली जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान पुलिस को 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, मजदूरों के पलायन से जुड़े रिकॉर्ड वाली डायरियां और रजिस्टर, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड के अलावा बंधक स्टांप और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
संगठित आपराध की धारा जोड़ा गया
गौरतलब है कि महासमुंद के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के अनुसार, इस मामले में थाना खल्लारी में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज कर लिया गया है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए इसमें गंभीर BNS की धारा 111 की धारा भी जोड़ दी गई है।
फिलहाल, पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक खातों और बरामद रजिस्टरों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस काले धंधे से जुड़े बाकी चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
