छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के फैसले की ED कर रही पड़ताल, कस्टम मिलिंग में 140 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप
भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में धान की कस्टम मिलिंग में कथित तौर पर 140 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप है, जिसकी जांच ईडी कर रही है।

कस्टम मिलिंग में 140 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप
HighLights
कस्टम मिलिंग में 140 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप।
ईडी कर रही है मामले की गहन जांच, संपत्ति जब्त।
प्रोत्साहन राशि में से 40 रुपये प्रति क्विंटल वसूली का दावा।
डिजिटल डेस्क, रायपुर। भूपेश बघेल सरकार में धान की कस्टम मिलिंग ( धान को चावल में बदलने की प्रक्रिया) मामले में करीब 140 करोड़ रुपये की अवैध वसूली किए जाने का आरोप है। मामले की ईडी कर रही है।
ईडी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में राइस मिलों को कस्टम मिलिंग पर दी जाने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि 40 से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल की गई थी। इस फैसले के बाद एजेंसी ने राज्य सरकार से योजना, भुगतान और संबंधित निर्णयों की विस्तृत जानकारी मांगी। इसके जवाब में सरकार ने करीब 350 पेज के दस्तावेज ईडी को उपलब्ध कराए हैं।
जनवरी 2026 के हाई कोर्ट रिकॉर्ड में अभियोजन की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल की कथित वसूली का उल्लेख किया गया है।
ईडी के अनुसार, 120 रुपये की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में 60-60 रुपये प्रति क्विंटल दी जानी थी। आरोप है कि प्रत्येक किस्त में 20 रुपये प्रति क्विंटल की रकम की अवैध वसूली की गई।
कार्रवाई में नकदी और संपत्ति भी मिली
ईडी ने अक्टूबर 2023 तथा मई-जून 2024 में कार्रवाई की थी। न्यायालयीन रिकार्ड के अनुसार, अक्टूबर 2023 की तलाशी में करीब 1.06 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की गई। बाद में रोशन चंद्राकर की करीब 19 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की गई।
ईओडब्ल्यू-एसीबी ने भी दर्ज किया मामला
ईडी से मिली सामग्री के आधार पर ईओडब्ल्यू-एसीबी ने मामला दर्ज किया है। न्यायालयीन रिकार्ड में तत्कालीन मार्कफेड एमडी मनोज सोनी, राइस मिलर्स एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर समेत अन्य लोगों की भूमिका का अभियोजन पक्ष की ओर से उल्लेख किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
