विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला, पुलिस-वन और जेल भर्ती में मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण; CM साय ने किया एलान

Published: Wed, 30 Sep 2026 10:17 PM (IST)

छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस, वन और जेल विभाग में 10% आरक्षण को मंजूरी दी है।

पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन, जेल भर्ती में 10% आरक्षण

पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन, जेल भर्ती में 10% आरक्षण

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, रायपुर। प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी के प्रविधान तय कर लिए गए हैं। राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में पुलिस, वन और जेल विभाग की तृतीय श्रेणी की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के नियमों को स्वीकृति दे दी है।

विगत 22 जुलाई को मंत्रिमंडल ने तृतीय श्रेणी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया था। अब इसे लागू करने के लिए भर्ती के नियम तय कर दिए गए हैं। नए नियमों में भर्ती के मापदंड, आरक्षण, चयन प्रक्रिया, नियुक्ति और सेवा शर्तों से जुड़े प्रविधान शामिल किए गए हैं।

पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन, जेल भर्ती में 10% आरक्षण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त बैठक में शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति के लिए संशोधित नीति-2026 को भी स्वीकृति दी गई।

अब मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक बराबर होने पर प्रदेश के मूल निवासी को प्राथमिकता मिलेगी। राजकीय विश्वविद्यालय में पढ़ाने के अनुभव को भी अब मेरिट में शामिल किया जाएगा।

अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति नीति में संशोधन

नई व्यवस्था के तहत अनुभव के लिए मिलने वाले अधिकतम 30 अंकों में राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम पांच महीने पढ़ाने पर पांच अंक मिलेंगे। पहले विश्वविद्यालय में पढ़ाने के अनुभव के लिए यह लाभ साफ तौर पर तय नहीं था।

शासकीय महाविद्यालयों और राजकीय विश्वविद्यालयों में काम कर चुके और बाद में हटाए गए अतिथि व्याख्याताओं को खाली पदों पर दोबारा काम करने का मौका भी मिलेगा।

मानदेय देने की व्यवस्था में भी बदलाव होगा। अब कालखंड के आधार पर भुगतान करने की अपेक्षा जितने दिन काम किया गया, उसके आधार पर वेतन दिया जाएगा। अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शिक्षकों के काम, काम की अवधि और आकस्मिक अवकाश के नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।