छत्तीसगढ़: रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई बस, पांच की मौत
छत्तीसगढ़ के रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर एक यात्री बस की खड़े ट्रक से भीषण टक्कर हो गई, जिसमें बस चालक, ...और पढ़ें

रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई बस।
HighLights
रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर बस-ट्रक की भीषण टक्कर।
हादसे में बस चालक-हेल्पर समेत पांच की मौत।
सड़क सुरक्षा और अवैध पार्किंग पर उठे सवाल।
डिजिटल डेस्क, रायपुर। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक से यात्री बस की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 16 यात्री घायल हो गए। घायलों में से दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह दुर्घटना में मृतकों की संख्या पांच हो गई है। मृतकों में बस चालक और हेल्पर भी शामिल हैं।
हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया।
जानकारी के अनुसार, यात्री बस क्रमांक सीजी-04-एनएम-0859 रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे से गुजर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक सीजी-07-बीएल-4370 से बस टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस में सवार यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय स्तर पर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
हादसे में पांच लोगों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में भागीरथ यादव (37), निवासी खजरीकला, जिला जशपुर, पवन देवांगन (24), निवासी बलंगी, जिला बलरामपुर और समीम मोहम्मद (39), निवासी सरना, जिला बलरामपुर शामिल हैं। भागीरथ बस चला रहा था, जबकि पवन हेल्पर के रूप में कार्यरत था।

समीम बस में यात्री के रूप में सफर कर रहे थे। वहीं, हादसे में घायल अतुल कुमार और सुंदरलाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस तरह दुर्घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई।
16 यात्री घायल, गंभीर मरीज रेफर
दुर्घटना में घायल यात्रियों में वासुदेव राव, निर्मला यादव, अमन गुप्ता, सतीश भगत और अनिल यादव समेत अन्य लोग शामिल थे। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया।

इस हादसे ने नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से होने वाले खतरे को फिर उजागर किया है। रात के समय कम रोशनी और दृश्यता घटने के कारण सड़क किनारे खड़े ट्रक समय रहते दिखाई नहीं देते। ऐसे में पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने की आशंका बढ़ जाती है। वाहनों पर रिफ्लेक्टर और पर्याप्त संकेतक नहीं होने से भी दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।
घटना के बाद हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग, सुरक्षा इंतजाम और यातायात पुलिस की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित रात्रि गश्त, सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई और रिफ्लेक्टर की जांच जैसे उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
