रायपुर। शहर के प्रदूषण को कम करने की दिशा में काम करते हुए सरकार ने 44 रोलिंग मिल्स को बंद कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने यह आदेश जारी किया है। यह फैसला ऑनलाइन इमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं लगाने के मामले में किया गया है। सभी मिल्स की बिजली काटने के निर्देश भी दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इसे प्रदूषण नियंत्रण पर कोई समझौता ना करने के शासन के निर्देशों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ यह अब तक की गई सबसे बड़ी कार्रवाई है। मंडल द्वारा सोमवार को राजधानी में छत्तीसगढ़ इंफार्मेशन एण्ड प्रमोशन सोसायटी में आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अमन सिंह ने बैठक ली। इसमें निर्णय लिया गया कि शहरी क्षेत्रों में वाहनों से हो रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हुए यातायात एवं पुलिस विभाग मिलकर वाहन प्रदूषण मापन का कार्य प्रारंभ करें। यह तय करें कि 31 दिसंबर तक सारे गाड़ियों के प्रदूषण की जांच हो जाए।

रायपुर शहर के आस-पास संचालित ढाबों में कोयला जलाये जाने से पर्यावरण को हो रही क्षति पर चर्चा हुई। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि इसकी जांच के लिये क्षेत्रीय अधिकारी रायपुर एवं कलेक्टर रायपुर द्वारा एक संयुक्त टीम बनाई जाए। बैठक में पर्यावरण विभाग के सचिव संजय शुक्ला, पर्यावरण मंडल के सदस्य सचिव देवेन्द्र सिंह, रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी तथा निगम कमिश्नर रजत बंसल उपस्थित थे।

बैठक के दौरान ठंड में लकड़ी के अलाव जलाने से भी हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिये क्रेडा से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए उन्नत चूल्हे के उपयोग को बढ़ावा दिए जाने के लिए चर्चा हुई। बैठक में नगर निगम के कचरे को खुले मे जलाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई होगी। प्रमुख सचिव ने नगर निगम कमिश्नर को यह निर्देश दिए कि नगरीय कचरे को खुले में ना जलाया जाये। इसी प्रकार विभिन्न निर्माण कार्याे में हरे कपड़े का नेट ना लगाये जाने वाली निर्माण संस्थाओं पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिये गए।

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Posted By: Bhupendra Singh