रायपुर। राज्य शासन ने 168 नगरीय निकायों के लिए नया सेटअप तैयार कर लिया है। नए सेटअप में सबसे अधिक फेरबदल रायपुर और बिलासपुर नगर निगम में किया गया है। दोनों ही शहरों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर डेवलप करने के लिए आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं। इसमें वर्तमान समय में अनुपयोगी पदों को खत्म कर अफसरों के नए पद बनाए गए हैं। इसमें सफाई, चिकित्सा, स्कूल, जल सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों के पद खत्म कर दिए गए हैं।


नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के लिए नया सेटअप तैयार कर लिया है। रायपुर और बिलासपुर के साथ ही कोरबा और भिलाई के सेटअप को तैयार करके नगर निगमाें में भेज दिया गया है। सबसे ज्यादा फेरबदल रायपुर और बिलासपुर नगर निगम में किया गया है। कारण यह है कि इसमें रायपुर नगर निगम में सबसे अधिक परिवर्तन किया गया है। अमूमन हर विभाग से कर्मचारियों की छंटनी कर दी गई है। अधिकांश पद निचले स्तर के कर्मचारियों के हैं। इन कर्मचारियों को इनकी सेवा अवधि तक नगर निगम वेतन देता रहेगा। इनके रिटायर होते ही इन पदों पर नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। इन्हें डाइंग कैडर घोषित कर दिया जाएगा। रायपुर नगर निगम से 828 अौर बिलासपुर नगर निगम से 446 कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा समाप्त की गई है।नए सेटअप में ये साफ कर दिया गया है कि निकायों का स्थापना व्यय हर हाल में 65 प्रतिशत से कम रहे। रायपुर और बिलासपुर में मुख्य अभियंता के पद का सृजन किया गया है।


रायपुर में अब तक एक सुपरिटेंडेंट इंजीनियर का पद था, इसे बढ़ाकर 4 एसई के पद कर दिए गए हैं। इसके अलावा बिलासपुर, कोरबा और भिलाई नगर निगमों के हर जोन में अब जोन कमिश्नरों की भी नियुक्ति की जा रही है।

रायपुर में 2244, बिलासपुर में 1154
रायपुर नगर निगम में पूर्व में 3072 कर्मचारी और अधिकारी काम करते हैं। इनमें से 828 लोगों के रिटायरमेंट के बाद नए लोगों की भर्ती नहीं की जाएगी। रायपुर नगर निगम के नए सेटअप में कुल 2244 कर्मचारी और अधिकारी काम करेंगे। बिलासपुर नगर निगम में 1600 कर्मचारी और अधिकारी काम करते हैं। इनमें से 446 कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा समाप्ति के बाद नए लोगों की भर्ती नहीं की जाएगी। बिलासपुर में कुल 1154 कर्मचारी और अधिकारी काम करेंगे। अगले तीन साल के भीतर अधिकांश कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा समाप्त हो रही है। बताया जा रहा हैं कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई सेवाएं निजी हाथों में सौंपी जानी है। ऐसा करके निगम अपना स्थापना व्यय कम कर सकता है।

अफसरों की नई नियुक्तियां
रायपुर नगर निगम में दो एडिश्नल कमिश्नर, चार सुपरिटेंडेंट इंजीनियर की नियुक्त होगी। इसके अलावा इंजीनियर लेवल के अफसरों की नई नियुक्तियां होंगी। रायपुर में अब कुल 20 कार्यपालन अभियंता होंगे। कुछ इंजीनियरों को प्रमोट भी किया जाएगा। कुछ की नियुक्ति सीधी भर्ती और कुछ की परीक्षा के माध्यम से होगी। इसी तरह से नगर निगम में अब दो एडिश्नल कमिश्नर भी रहेंगे।

3 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में जोन कमिश्नर

नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि रायपुर की तर्ज पर बिलासपुर, कोरबा और भिलाई में जोन कमिश्नरों की नियुक्ति की

जा रही है। इन शहरों की आबादी तीन लाख से अधिक हो गई है। इसलिए यहां अब जोन कमिश्नर की नियुक्ति की जा रही है। इन तीनों शहरों में 4-4 जोन कमिश्नर नियुक्त किए जाएंगे। ये ऐसे शहर हैं जिनकी आबादी 3 लाख के उपर पहुंच गई है।

अनुपयोगी हो चुके पदों को किया समाप्त
रायपुर और बिलासपुर नगर निगम से सबसे अधिक पदों को समाप्त किया जा रहा है। ये ऐसे पद हैं, जो अब अनुपयोगी हो चुके हैं। कुछ नए पदों का सृजन किया गया है। इनकी जरूरत स्मार्ट सिटी की वजह से है। यह कोशिश है कि किसी भी निकाय का स्थापना व्यय 65 प्रतिशत से उपर न हो। लगभग तीन दशक के बाद निकायों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।
डा. रोहित यादव, विशेष सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

ये पद होंगे समाप्त
सफाई कामगार, चौकीदार, पंप अटेंडेंट, ट्रेसर, प्रयोगशाला सहायक, परिचालक, मशीन हेल्पर, लाइन मैन, नंबर टेकर, औषधी संयोजक, मिड वाइफ, बढ़ई, उप बैद, तबला शिक्षक, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य पद पूर्ण रुप से समाप्त होंगे। लेकिन इन पदों पर अभी जो भी व्यक्ति है, उसके रिटायरमेंट तक वह पद रहेगा। उसके बाद ये पद पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे। सबसे ज्यादा पद सफाई विभाग से समाप्त किए जा रहे हैं। रायपुर में 410 सफाई कामगारों की सेवा पूर्ण रुप से समाप्त की जा रही है। इसके अलावा जल विभाग, चिकित्सा, स्कूल, पीडब्ल्यूडी, अग्निशमन सहित सभी विभागों से सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।


एेसा क्यों किया जा रहा
निगम के अस्पताल दम तोड़ चुके हैं इसलिए लैब अटेंडेंट,औषधी संयोजक,ड्रेसर, उप बैद के साथ आयुर्वेद डाक्टरों के पदों को अनुपयोगी माना गया है। कंडक्टर,मशीन हेल्पर,बढ़ई तबला शिक्षक के पद को डाइंग किया जा रहा है। अब चौकीदारों को भी अनुपयोगी माना गया है।

Posted By: Bhupendra Singh

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