बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज। सफर के दौरान बीमार यात्रियों को अब ट्रेन में ही प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। इसके लिए टीटीई को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे जरूरत प़डने पर यात्रियों की मदद कर पाएंगे।

पहले चरण में पश्चिम रेलवे से योजना की शुरुआत हो रही है। यहां से कुछ टीटीई को ट्रेनिंग देने के लिए उदयपुर भेजने की तैयारी है। इसके लिए रेलवे से बकायदा आदेश जारी हुआ है। स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में यह रेलवे का बड़ा कदम है। आपातकलीन स्थिति में यात्रियों को तत्काल इलाज नहीं मिल पाता। इसके लिए ट्रेन के किसी ब़$डे स्टेशन पहुंचने का इंतजार किया जाता है। ट्विटर, फेसबुक या भारतीय सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 182 पर ज्यादातर कॉल इसी को लेकर होते हंै। रेलवे ऐसे यात्रियों की मदद भी करती है लेकिन इसके लिए इंतजार करना प़$डता है।

आगामी दिनों में शायद इस तरह का इंतजार न करना प़$डे। रेलवे ने टीटीई को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इससे वह आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की मदद कर सकेंगे। माना जा रहा है कि यदि यह योजना आगामी दिनों प्रत्येक रेल मंडल में इसे लागू की जाएगी। इस योजना के तहत यह भी तय हुआ है कि प्रशिक्षण से आनाकानी करने वाले टीटीई की ड्यूटी लंबी दूरी की ट्रेनों में नहीं लगाई जाएगी। बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान प्रशिक्षित टीटीई के पास एक मेडिकल किट भी होगा। इसमें प्राथमिक उपचार से जुड़ी दवा आदि रहेगी।

इन ट्रेनों से होगी शुरुआत

-- राजधानी एक्सप्रेस

-- अगस्त क्रांति

-- गरीब रथ

-- शताब्दी एक्सप्रेस।

उत्कल में हो चुकी है घटना

हाल ही में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में एक यात्री की इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। ओडिशा निवासी 21 वषर्षीय यात्री की तबीयत खराब थी। उसे उल्टी-दस्त होने लगा। झांसी से लेकर बिलासपुर तक उसे ओआरएस या इलेक्ट्राल तक मुहैया नहीं हुआ। बिलासपुर में जब उसे उतारा गया तो उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी। सिम्स ले जाने से पहले बीच रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

Posted By: Bhupendra Singh