बिलासपुर/बलरामपुर। जिला मुख्यालय के मुख्य मार्ग से लगे आरागाही के नवापारा मिडिल स्कूल में मिड डे मील बनाने में छात्राओं का सहयोग तो लिया ही गया, उन्हें पूरियां बनाने के लिए जब कुछ नहीं मिला तो बीयर की खाली बोतल बेलन के रूप में थमा दी गई। छात्राएं इसी बाेतल से पूरी बनाती रहीं। खाना पकाने के लिए दो सहायिकाएं होने के बावजूद स्कूल में छात्राओं से इस तरह काम लिया गया। मामला सामने आने के बाद अधिकारी सकते में हैं।
नवापारा मिडिल स्कूल में करीब सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। गुरुवार दोपहर यहां मिड डे मील बनाने के दौरान छात्राओं को सहयोग देने बुला लिया गया। यहां हफ्ते में एक दिन पूरियां बनती हैं। दो सहायिकाओं के साथ इन छात्राओं को पूरी बनाने का जिम्मा दिया गया। बेलन-चौकी नहीं होने से छात्राओं को दो थालियां एवं दो बीयर के खाली बोतल पूरी बनाने के लिए थमा दिए गए। अब छात्राएं क्या करती, उन्होंने बीयर के खाली बोतल को बेलन बना लिया और थाली को चौकी। इस तरह भोजन के लिए पूरियां तैयार की गई। बताया गया कि स्कूल में इसी तरह पूरी व रोटी बनाई जाती है। बीयर की खाली बोतल कहां से आई, इसके बारे में कोई जानकारी देने तैयार नहीं है।
स्कूल के हेड मास्टर का कहना है कि वे तीन दिनों से छुट्‌टी पर हैं। इस दौरान यदि छात्राओं से भोजन तैयार कराया गया तो मैं इसके लिए जिम्मेदार नहीं हूं। बीयर के खाली बोतल से पूरियां बनाई गई हैं तो गलत है। मैं जाकर इसका पता लगाउंगा और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों से इसकी शिकायत करुंगा।

जांच कर दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई

मामले के बारे में अभी पता चला है। इसकी जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी इसमें दोषी है उसे बख्शा नहीं जाएगा।आईपी गुप्ता, डीईओ।

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा दस फरवरी से शुरू होगी

Posted By: Bhupendra Singh