नईदुनिया, बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अर्जुन सिंह सिकरी ने रविवार को हाई कोर्ट परिसर स्थित ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की ओर से आयोजित नवनियुक्त सिविल जज वर्ग-2 के प्रथम इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुणवत्ता युक्त न्याय देना जज का पहला कर्तव्य है। जज का कार्य संविधान और कानून को अपहोल्ड करना है। उन्हें संविधान में निहित बातों को ध्यान में रखकर काम करना चाहिए। न्याय बेचने की चीज नहीं है। फैसला ऐसा होना चाहिए कि न्याय पर समाज को गर्व हो। जजों का निर्णय समाज और कानून के बीच पुल होना चाहिए। उन्होंने चयनित जजों का न्यायिक परिवार में शामिल होने का स्वागत करते हुए कहा कि वे इस बात पर गौरवांवित महसूस कर रहे होंगे कि उनमें दूसरों से उत्तम होने के गुण हैं।

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देश में न्याय व्यवस्था को लेकर जस्टिस सिकरी ने कहा कि हमारे देश में जजों के पास काम का बोझ दूसरे देशों के मुकाबले चार से पांच गुना अधिक है। इसके बावजूद इस बात का ध्यान रखना है कि न्याय में देरी करना भी एक तरह से अन्याय है। हमें निर्णय की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए त्वरित न्याय प्रदान करने का प्रयास करना होगा।

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Posted By: Bhupendra Singh