रायपुर, एएनआइ। छत्तीसगढ़ सरकार की 'बिहान' योजना के तहत राजधानी रायपुर जिले के सेरखेड़ी गांव में एक महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) डिजाइनर मास्क और सैनिजटाइजर बना रहा है। यह इन महिलाओं का आय का स्रोत भी है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चार महीने पहले सेरखेड़ी गांव में केंद्र स्थापित किए जाने के बाद एसएचजी महिलाओं ने वहां काम करना शुरू किया।

सेरखेड़ी एसएचजी के एक सदस्य ईश्वरी देहरिया ने न्यूज एजेंसी एएनआइ को बताया, "जिला पंचायत की मदद से हम रोजाना 8 घंटे के लिए 200 रुपये कमाते हैं। हम 100 सामान्य और डिजाइनर मास्क बनाते हैं। मशीन और कपड़ा सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। पहले मैं सिर्फ एक गृहिणी थी, लेकिन अब मैं अपने परिवार के लिए रोटी कमाने वाला हूं। रायपुर के जिला पंचायत सीईओ गौरव सिंह के प्रयासों के कारण ऐसा हुआ। 

एक अन्य एसएचजी सदस्य लता मनहारे ने कहा, "250 महिलाओं में से 5-6 महिलाएं लॉकडाउन शुरू होने के बाद से यहां काम कर रही हैं और लोगों को कोविड-19 से लड़ने में मदद करने के लिए सैनिटाइजर बना रही हैं। हमारे द्वारा प्रतिदिन 1,000 लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन किया जाता है।

बता दें कि इस वक्त पूरा देश में लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है। ऐसे में सभी लोग अपने घरों में कैद हैं। चीन के वुहान से फैले कोरोना से पूरी दुनिया को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। छत्तीसगढ़ में कोरोना के कुल 172 केस सामने हैं। वही अगर पूरे देश की बात करें तो यहां पर 1 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। केरल पहला ऐसा राज्य है जहां पर सबसे पहले कोरोना के संक्रमित मामले सामने आए थे हालांकि कोरोना से पहली मौत कर्नाटक राज्य से हुई थी। फिलहाल देश में कोरोना काल चल रहा है।

Posted By: Pooja Singh

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