नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश की प्रमुख एविएशन कंपनी Vistara ने अपने यात्रियों को ताजा शाकाहारी खाना परोसने की सुविधा को फिर से शुरू कर दिया है। एविएशन कंपनी Vistara की तरफ से बृहस्पतिवार के दिन यह जानकारी उपलब्ध कराई गई। Vistara ने अपनी घरेलू उड़ानों की सभी श्रेणियों-एकोनॉमी, प्रीमियम और बिजनेस के लिए 'इन-फ्लाइट भोजन' के नयी सुविधा की घोषणा की है। कोविड-19 से संबंधित दिशा-निर्देशों के कारण कंपनी पिछले वर्ष मई के बाद से पहले से तैयार यानी पैक किये हुए भोजन को ही घरेलू यात्रियों को परोस रही थी।

विमानन नियामक डीजीसीए ने पिछले साल अगस्त में विमानन कंपनियों को सभी घरेलू उड़ानों में पहले से पैक हल्के आहार, पेय पदार्थ और भोजन परोसने या बेचने की अनुमति दी थी। इसके बाद नियामक की तरफ से इस वर्ष अप्रैल में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान विमानन कंपनियों को केवल दो घंटे से अधिक समय वाली घरेलू उड़ानों में भोजन परोसने की अनुमति दी गई थी।

वहीं, Ministry Of Civil Aviation के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए यह बताया कि, "सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगाये गये प्रतिबंधों को तुरंत हटाये जाने की संभावना नहीं है। अधिकारी ने बताया कि एयर बबल व्यवस्था के तहत मौजूदा उड़ानों की संख्या मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। कोविड-19 महामारी के बीच पिछले साल मार्च से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें निलंबित हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन के लिए भारत ने 25 से अधिक देशों के साथ एयर बबल समझौता किया है।"

"Ministry Of Civil Aviation के सचिव राजीव बंसल ने जावकारी देते हुए यह बताया कि, एयर बबल व्यवस्था के तहत उपलब्ध मौजूदा उड़ानों की संख्या मांग को पूरा करने के लिए काफी है। अंतरराष्ट्रीय यात्राएं ज्यादा नहीं हो रही हैं, क्योंकि वीजा आसानी से नहीं मिल रहा है। अमेरिका और कनाडा जैसे कुछ देशों में, एयरलाइन कंपनियां दिसंबर 2021 तक अपनी औसत क्षमता से 30 से 40 फीसदी उड़ानें संचालित कर रही हैं। भारत में कोविड-19 से पहले जैसी सामान्य स्थिति होने पर फिर से सभी उड़ानों को संचालित करने के बारे में विचार कर सकते हैं।"

बुधवार को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के उद्घाटन के दौरान बंसल ने यह भी कहा था कि, "अगर जरूरत पड़ी तो एयर बबल व्यवस्था का विस्तार किया जा सकता है। दो देशों के बीच एक एयर बबल व्यवस्था के तहत, कुछ शर्तों के साथ एयरलाइंस कंपनियां अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें संचालित कर सकती हैं। वर्तमान में, भारत की अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और जापान सहित 28 देशों के साथ ऐसी व्यवस्था है।"

Edited By: Abhishek Poddar