नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आप लोन लेना चाहते हैं तो कंपनियां आपसे क्रेडिट या सिबिल स्कोर पूछती है। अगर आपका यह स्कोर अच्छा होता है तो आपको आसानी से लोन मिल जाता है। अगर यह स्कोर खराब होता है तो आपकी लोन ऐप्लिकेशन रिजेक्ट भी हो सकती है। इसलिए अपने क्रेडिट स्कोर को ठीक रखें। क्रेडिट स्कोर में बिल की लेट पेमेंट, ज्यादा क्रेडिट कार्ड एप्लिकेशन, क्रेडिट लिमिट बढ़ाना जैसी चीजें असर डालती है। इस स्कोर को अच्छा करने के लिए 30/25/20 का फॉर्मूला काम आ सकता है। आइए जानते हैं कि यह फॉर्मूला कैसे आपके क्रेडिट स्कोर पर असर डालता है।

लेट बिल पेमेंट का योगदान 30 फीसद

क्रेडिट स्कोर तय करने में लेट बिल पेमेंट का सबसे बड़ा योगदान होता है। क्रेडिट कार्ड बिल या कर्ज की लेट पेमेंट करने पर क्रेडिट स्कोर में 30 फीसद असर पड़ता है। इसलिए अपने क्रेडिट स्कोर को सही रखने के लिए समय पर बिल और लोन की किस्त चुकाते रहें।

क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का योगदान 25 फीसद

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का असर भी क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड के लिए लिमिट बढ़वाते हैं तो इसका क्रेडिट स्‍कोर तय होने में योगदान 25 फीसदी रहता है। शुरुआत में कंपनियां कम क्रेडिट लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड जारी करती हैं। जरूरत पड़ने पर इस लिमिट को बढ़ाया जा सकता है।

एक से ज्यादा लोन और क्रेडिट कार्ड एप्लिकेशन का योगदान 25 फीसद

ज्यादा क्रेडिट कार्ड एप्लिकेशन से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दरअसल, जब आप क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो यह क्रेडिट रिपोर्ट के इंक्वायरी सेक्शन में दिखता है। इसलिए कई क्रेडिट कार्ड एप्लिकेशन और लोन आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करते हैं। अगर आपने क्रेडिट कार्ड और लोन के लिए कई आवेदन किये हैं तो यह आपके क्रेडिट स्कोर पर 25 फीसद असर डालते हैं। इसलिए इनसे बचें।  

Posted By: Pramod Kumar

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