नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। जीवन तमाम अनिश्चतताओं से भरा हुआ है। कोई भी इस बात का अनुमान नहीं लगा सकता है कि उसके साथ कब क्या हो जाएगा। ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए ही लोग तमाम तरह के इंश्योरेंस कराते हैं। इससे पॉलिसी होल्डर के नहीं रहने पर नॉमिनी को जरूरी आर्थिक संबल मिल जाता है। इसके अलावा आपके पीएफ अकाउंट, सेविंग अकाउंट में जमा रकम या किसी तरह की और ऐसी परिसंपत्ति है, जिसके बारे में आपके परिवार को जानकारी नहीं है तो बड़ी दिक्कत हो सकती है। अगर आपका खुद का फ्लैट है तो उसके ट्रांसफर के लिए भी डॉक्युमेंट को एक्सिसेबल रखना जरूरी है।

1. क्रेडिट, एटीएम कार्ड्सः किसी भी व्यक्ति के पास अगर क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड हैं, तो उसे उन कार्ड्स की एक पूरी लिस्ट तैयार कर लेनी चाहिए। इससे होगा ये कि व्यक्ति की दुर्भाग्यपुर्ण और असामयिक मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य उन कार्ड्स को ब्लॉक करा पाएंगे और उन्हें सरेंडर कर देंगे। इन्हें ब्लॉक नहीं कराने और सरेंडर नहीं कराने पर दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है।

2. PAN और Aadhaar Card के साथ इन दस्तावेजों को रखें Accessible: आज के समय में ये दोनों डॉक्युमेंट किसी भी व्यक्ति के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। इन डॉक्युमेंट्स की जानकारी रहने से परिवार को तमाम तरीके से मदद मिल सकती है। इसके अलावा मकान और जमीन के कागज कहां रखे हैं, इसकी जानकारी भी अपने कानूनी वारिस को देना बहुत जरूरी है। साथ ही अपने टर्म इंश्योरेंस, मेडिकल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस के पॉलिसी डॉक्युमेंट भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ जरूर साझा कीजिए। इससे उन्हें पता चलेगा कि आपके पास कुल कितने रुपये का इंश्योरेंस कवर है। 

3. सीए, फाइनेंशियल एडवाइजर, कंपनी के एचआर और इंश्योरेंस एजेंट के नंबरः आपको अनिवार्य तौर पर अपने रिपोर्टिंग मैनेजर, एचआर मैनजर के कॉन्टैक्ट नंबर अपने परिवार वालों के साथ शेयर करना चाहिए। इसके साथ ही सीए, फाइनेंशियल एडवाइजर के नंबर भी उनके साथ जरूर शेयर कीजिए। सीए आपके परिवार के सदस्यों को आपके ऐसे ऐसेट्स के बारे में जानकारी दे पाएंगे, जिसकी जानकारी संभवतः और किसी को ना हो। इंश्योरेंस क्लेम के लिए इंश्योरेंस एजेंट का नंबर जरूर रखिए।

Edited By: Ankit Kumar