नई दिल्‍ली, पीटीआइ। Reserve Bank के Deputy Governor T Rabi Sankar ने कहा है कि Fintech कंपनियां डिजिटल फ्रॉड रोकने में महत्‍वपूर्ण रोल अदा कर सकती हैं। Covid 19 mahamari के दौरान ऐसी घटनाओं में तेजी आई है। Global FinTech Fest 2021 में उन्‍होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग का इस्‍तेमाल मेट्रो और शहरों में ज्‍यादा हुआ है। इसका पूरे देश में इस्‍तेमाल जरूरी है। हम तकनीकी समाधान करने होंगे ताकि लोग ज्‍यादा संख्‍या में इसका इस्‍तेमाल कर पाएं।

Internet and Mobile Association of India (IAMAI) के कार्यक्रम में T Rabi Sankar ने कहा कि RBI सैंडबॉक्‍स मिकेनिज्‍म के जरिए ऐसी संभावनाएं तलाश रहा है। Fintech का काम है कि वे फ्रॉड को रोकें। हमें यह जोखिम कम करने पर काम करना होगा। इसके लिए सेफगार्ड तैयार करने होंगे। नियामक और कंपनियों को अपनी भूमिका निभानी होगी। हमें कैसे भी करके ऑनलाइन फ्रॉड, लोगों की निजी जानकारी चोरी होने से रोकना, डेटा प्राइवेसी, और सुरक्षा को बढ़ाना होगा।

इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि FY 22 की दूसरी छमाही के दौरान केंद्र सरकार के लिए 50,000 करोड़ रुपये ‘वेज एंड मीन्स एडवांस’ (WMA) सीमा के रूप में निर्धारित किए गए हैं। वित्तीय भाषा में, डब्ल्यूएमए आरबीआई द्वारा अपनी क्रेडिट नीति के तहत उपयोग किया जाने वाला एक तंत्र है, जो राज्यों के साथ बैंकिंग को अग्रिम प्रदान करने के लिए, उनकी प्राप्तियों और भुगतानों के नकदी प्रवाह में अस्थायी बेमेल से निपटने के लिए है। यह प्रत्येक मामले में अग्रिम भुगतान की तारीख से तीन महीने के भीतर चुकाने योग्य है।

भारत सरकार के परामर्श से यह निर्णय लिया गया है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 (अक्टूबर 2021 से मार्च 2022) की दूसरी छमाही के लिए ‘वेज एंड मीन्स एडवांस’ (WMA) की सीमा 50,000 करोड़ रुपये तय की जाए। जब भारत सरकार डब्ल्यूएमए सीमा के 75 प्रतिशत का उपयोग करती है, तो रिजर्व बैंक बाजार ऋणों के नए प्रवाह को गति प्रदान कर सकता है।

(Ians इनपुट के साथ)

Edited By: Ashish Deep