नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार अगस्त से नवंबर के बीच पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) की नौवीं किस्त किसानों के खाते में ट्रांसफर करेगी। लेकिन देश में अब भी लाखों ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्हें अब तक इस स्कीम के तहत आठवीं किस्त नहीं मिल पाई है। PM Kisan की वेबसाइट के मुताबिक 19 जुलाई, 2021 तक 10.47 करोड़ (10,47,52,108) FTO जेनरेट हो चुके हैं। इनमें से 10,35,78,917 किसानों के अकाउंट में आठवीं किस्त के 2,000 रुपये पहुंच गए हैं। वहीं, 484039 किसानों के बैंक अकाउंट में आठवीं किस्त क्रेडिट हुई है या नहीं, इसका स्टेटस पेंडिंग दिखा रहा है। दूसरी ओर, 6,89,152 लोगों को सरकार द्वारा किया गया पेमेंट फेल हो गया है।

पेमेंट फेल होने की वजह

PM Kisan Samman Nidhi Yojana केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस स्कीम में सरकार सीधी नकद सहायता उपलब्ध कराती है। ऐसे में ऐसे कई किसानों ने इस स्कीम में अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है, जो इस स्कीम की अहर्ता शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। राज्य सरकारों ने ऐसे किसानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए ऐसे किसानों के नाम लाभार्थियों की लिस्ट से बाहर कर दिया है, जो इस स्कीम की अहर्ता शर्तों पर खरे नहीं उतरते।

अगर आपने पीएम किसान का रजिस्ट्रेशन कराते समय अपने अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड भरने में किसी तरह की गलती की है तो फिर पेमेंट फेल हो सकता है।

अपना आधार कार्ड पीएम किसान स्कीम से लिंक नहीं कराने वालों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलता है।

इन लोगों को नहीं मिलता है PM Kisan Scheme का लाभ

1. सभी संस्थागत किसानों को इस स्कीम का लाभ नहीं मिलता है।

2. ऐसे किसान परिवार जो इनमें से किसी भी एक श्रेणी में आते हैंः

- संवैधानिक पद पर पूर्व में या वर्तमान में आसीन व्यक्ति

- केंद्र सरकार के पूर्व या वर्तमान मंत्री/ राज्य सरकार के पूर्व या वर्तमान मंत्री/ लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधान सभाओं, विधान परिषदों के पूर्व एवं मौजूदा सदस्य/ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के पूर्व या वर्तमान मेयर, जिला पंचायतों के पूर्व या वर्तमान चेयरपर्सन

3. केंद्र सरकार, राज्य सरकार, PSEs या स्वायत्त संस्थाओं के सभी पूर्व या वर्तमान अधिकारी (मल्टी टास्किंग स्टॉफ, चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को छोड़कर)

4. सभी सेवानिवृत्त पेंशनर जिनकी मासिक पेंशन 10,000 रुपये से ज्यादा हो। (मल्टी टास्किंग स्टॉफ, चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को छोड़कर)

5. पिछले आकलन वर्ष में इनकम टैक्स जमा करने वाले सभी व्यक्ति

6. डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंट्स और आर्किटेक्ट्स जैसे प्रोफेशनल्स