नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। होम लोन पर घर लेने के बाद उसके ईएमआई का भुगतान करने पर आपको बहुत अच्छा फील होता होगा। क्योंकि वैसे भी कर्ज हर किसी के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द होता है। हालांकि, एक बार होम लोन का भुगतान करने के बाद आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि, भविष्य में फिर कभी आप इसके चक्कर में न फंसे।

एनओसी/एनडीसी लेना न भूलें: अगर, एक बार आपने होम लोन का भुगतान कर दिया है, तो लोन देने वाले से आपत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) या बकाया प्रमाणपत्र (एनडीसी) लेना न भूलें। यह प्रमाण पत्र ऋणदाता की ओर से जारी किया जाता है, और इससे यह प्रमाणित होता है कि आपने पूरी तरह से लोन चुका दिया है और अब आपके नाम कोई बकाया नहीं है। इस प्रमाणपत्र को लेते समय यह सुनिश्चित करें कि इसमें लोन से जुड़े सभी डिटेल दिए गए हों। आम तौर पर इसमें उधारकर्ता, लोन खाता संख्या, संपत्ति का ब्योरा, जिसके एवज में लोन लिया गया था, लोन बंद करने की तारीख का जिक्र होता है।

अपने सभी डाक्यूमेंट्स वापस लें: लोन को बंद करने के समय ऋणदाता से अपने सभी दस्तावेजों को वापस ले लें। दरअसल, लोन देते वक्त ऋणदाता आपसे दस्तावेजों की मूल प्रति मांगता है। इसलिए जब आपने लोन चुका दिया है तो ऋणदाता से सभी दस्तावेज वापस ले लीजिये। इनमें बैंक खाता विवरण, आय प्रमाण पत्र, संपत्ति पत्र, बिक्री का कार्य, कब्जा पत्र शामिल होता है।

इसके अलावा, कुछ ऋणदाता को यह लगता है कि उधारकर्ता अगर भविष्य में ईएमआई नहीं चुका पाया तो वह लोन देते समय चेक ले लेते हैं। इसलिए होम लोन का भुगतान करने के बाद जब आप मूल दस्तावेजों को लें तो साथ में उन चेक को भी वापस ले लें।

क्रेडिट ब्यूरो के डेटाबेस में अपडेट कराएं: जब भी आप लोन को चुकता कर दें तो, तो आपकी यह कोशिश होनी चाहिए कि यह क्रेडिट ब्यूरो में जल्द से जल्द अपडेट हो जाए। कई बार ऐसा होता है कि ऋणदाता से संबंधित ब्यूरो को बताने में भूल हो जाती है। इसलिए जब एक बार आपने लोन खाता बंद करा दिया है तो, ऋणदाता से कहें कि वह जल्द से जल्द क्रेडिट ब्यूरो को इस संबंध में सूचित करें।

ऋणभार प्रमाण पत्र: प्रमाण पत्र एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें होम लोन के लिए बंधक संपत्ति से संबंधित सभी वित्तीय लेनदेन का विस्तृत रिकॉर्ड शामिल रहता है। एक बार जब आप लोन बंद कर देते हैं, तो इस प्रमाणपत्र से पता चलता है कि आपने सभी रिपेमेंट कर दिया है। इस दस्तावेज से प्रमाणित होता है कि आपकी संपत्ति किसी भी कानूनी या मौद्रिक देनदारियों से मुक्त है, इसलिए होम लोन को बंद करने के बाद उधारकर्ता संपत्ति को बेचना चाहता है, तो ऐसे में ऋणदाता उसपर कोई भी दावा नहीं कर सकता।

Posted By: Surbhi Jain