नई दिल्‍ली, पीटीआइ। किराये में वृद्धि पर यात्रियों के दबाव का सामना करने के बाद रेलवे ने मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए ‘विशेष’ टैग हटाने (Special Train) तथा महामारी से पहले के किराये पर तत्काल प्रभाव से लौटने का शुक्रवार को एक आदेश जारी किया। जब से कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन में ढील दी गई थी, रेलवे केवल विशेष ट्रेनें चला रहा है।

इसकी शुरुआत लंबी दूरी की ट्रेनों से हुई थी और अब, यहां तक कि कम दूरी की यात्री सेवाओं को "थोड़ा अधिक किराए" वाली विशेष ट्रेनों के रूप में चलाया जा रहा है ताकि "लोगों को परिहार्य यात्रा से हतोत्साहित" किया जा सके। रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को जोनल रेलवे को लिखे पत्र में कहा कि ट्रेनें अब अपने नियमित नंबर के साथ परिचालित की जाएंगी और किराया कोविड पूर्व दर जैसा सामान्य हो जाएगा।

बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसी हफ्ते ट्रेनों से स्पेशल टैग हटाने की बात कही थी। हमारे रांची ब्‍यूरो के मुताबिक रेलवे बोर्ड के स्‍पेशल टैग हटाने के फैसले से सिर्फ रांची रेल मंडल अंतर्गत 44 ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर बोझ कम होगा। रेलवे ने सामान्य ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन का नाम देकर किराया काफी बढ़ा दिया था। स्पेशल ट्रेनों को लगातार एक्सटेंशन देकर चलाया जा रहा था। इसमें स्लीपर क्लास में ढाई सौ के करीब, थर्ड एसी में सामान्य दर से 550 और सेकंड AC में 750 रुपये तक अधिक बड़ा यात्रियों से वसूला जा रहा है। अब इन किरायों में कटौती होगी।

रेल मंत्री ने यह भी कहा था कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और विशेष श्रेणी के यात्रियों को पहले की तरह किराये में रियायत भी मिलने लगेगी। रेल मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मंत्री ने बताया था कि देश के 25 हजार से अधिक पोस्ट आफिस में रेल टिकटों की भी बिक्री हो रही है। लोग इसमें रुचि दिखा रहे हैं। इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।

Edited By: Ashish Deep