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नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। खपत में कमी, सर्विस सेक्‍टर में सुस्ती और कम निवेश के बीच देश की इकॉनोमिक ग्रोथ इस साल अप्रैल-जून की तिमाही में 5.7 फीसद पर रहने का अनुमान है। जापानी ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा (Nomura) ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है। नोमुरा के अनुसार, अप्रैल-जून में सुस्ती के बावजूद जुलाई-सितंबर की तिमाही में अर्थव्यस्था में कुछ सुधार आने की उम्मीद है। 

कंपनी ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि हाई फ्रिक्‍वेंसी संकेतकों में नरमी बरकार रहेगी। इनमें सर्विस सेक्‍टर का खराब प्रदर्शन, निवेश में कमी, बाहरी क्षेत्र में सुस्ती और खपत में भारी गिरावट शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ संकेतक जल्‍द ही अपने निचले स्‍तर से उभरने का प्रदर्शन कर रहे हैं। जुलाई के आंकड़ों से स्पष्‍ट होता है कि 53 फीसद संकेतकों में सुधार हुआ है जबकि जून में यह 31 फीसद था। 

Nomura के जुलाई-सितंबर तिमाही के कंपोजिट लीडिंग इंडेक्‍स (CLI) में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। जून तिमाही के 99.8 फीसद के मुकाबले यह 99.9 फीसद है। 

वित्त वर्ष 2018-19 में इकॉनोमिक ग्रोथ की रफ्तार सुस्त होकर 6.8 फीसद पर आ गई। यह 2014-15 के बाद की सबसे सुस्‍त रफ्तार है। इसमें कहा गया है कि कंज्‍यूमर्स का भरोसा घट रहा है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में गिरावट आई है। इसके अलावा, अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार और मुद्रा को लेकर चल रहे टकराव से यह समस्‍या और बढ़ी है। 

इस स्थिति पर राय लेने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अधिकारियों और उद्योग से जुड़े दिग्गजों के साथ कई मीटिंग की हैं। बैठक में उपभोक्ता मांग और प्राइवेट इन्‍वेस्‍टमेंट को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने पर विचार-विमर्श किया गया। 

नोमुरा ने कहा, 'हमारा अनुमान है कि जीडीपी ग्रोथ मार्च के 5.8 फीसद से घटकर जून तिमाही में 5.7 फीसद पर आ जाएगी। सितंबर तिमाही (तीसरी तिमाही) में यह बढ़कर 6.4 फीसद हो जाएगी। उसके बाद की तिमाही में जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार 6.7 फीसद रहने की उम्मीद है।'

Posted By: Manish Mishra

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