वाशिंगटन, पीटीआइ। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि आइएमएफ द्वारा विकास दर का अनुमान घटाने के बावजूद भारत विश्व की सबसे तेज विकास करने वाली इकोनॉमी है। उन्होंने कहा कि देश की विकास दर में तेजी लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विश्व बैंक और आइएमएफ की सालाना बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन पहुंचीं सीतारमण ने कहा कि आइएमएफ ने भारत और चीन दोनों की 6.1 परसेंट की समान विकास दर रहने उम्मीद जताई है। लेकिन वे भारत और चीन में तुलना नहीं कर रही हैं। 

आइएमएफ ने अपनी हालिया रिपोर्ट में ग्लोबल इकोनॉमी की विकास दर का अनुमान घटा दिया है। इसने भारत की विकास दर के अनुमान को भी घटाया है, इसके बावजू्द भारत सबसे तेज विकास करने वाली इकोनॉमी बना हुआ है।

आइएमएफ के मुताबिक भारत इस वर्ष 6.1 परसेंट की गति से विकास करेगा, जबकि अगले वर्ष इसकी विकास दर सात परसेंट रहने की उम्मीद है। सीतारमण ने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए भारत का प्रदर्शन बेहतर है, उनकी इच्छा है कि यह और अधिक तेज गति से विकास करे। विकास को गति देने के लिए वे हरसंभव प्रयास कर रही हैं। लेकिन इससे यह तथ्य कमजोर नहीं होता कि भारत सबसे तेज विकास करने वाली इकोनॉमी है। 

उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे इस तेज विकास दर से निश्चिंत नहीं हैं, और इसे बढ़ाने के लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बात सच है कि इकोनॉमी पहले की तरह से वृद्धि नहीं कर रही है। यह सात-आठ फीसद की विकास दर नहीं दर्ज कर रही, लेकिन हम इस बात को नकार नहीं सकते कि इस हालात में भी हमारी इकोनॉमी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। 

वित्त मंत्री ने कहा कि सभी सेक्टर की बातें सुनी जा रहीं हैं और सरकार उनकी समस्याएं दूर करने का हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान इस बात पर नहीं है कि इकोनॉमी की सुस्ती ढांचागत है या साइक्लिक, वह सिर्फ इस बात पर ध्यान दे रहीं हैं कि लोग क्या चाहते हैं और उसी हिसाब से कदम उठाए जा रहे हैं। राजस्व घाटे के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि इस समय उनके पास इसकी चिंता करने का समय नहीं है, इस समय उनका ध्यान उद्योग जगत की समस्याओं को दूर करने पर है।

दूर हो रहे भारत-अमेरिका के व्यापारिक मतभेद : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत-अमेरिका के व्यापार मतभेद कम हो रहे हैं और जल्द ही व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय दोनों देशों देशों के बीच समझौते को लेकर प्रयासरत है। इसके परिणाम जल्दी सामने आएंगे। जिन मुद्दों पर बातचीत चल रही है वे काफी पेचीदा हैं। कुछ चीजें हल हो चुकी हैं और मुझे उम्मीद है कि जल्द ही समझौता हो जाएगा। इससे पहले मंगलवार को अमेरिका ने कहा था कि उसके वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस और भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बीच व्यापार वार्ता सकारात्मक रही थी।

Posted By: Manish Mishra

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