नई दिल्ली, पीटीआई। उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग के अनुसार, गुजरात, मेघालय और कर्नाटक नवोदित उद्यमियों के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में बेस्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में उभरे हैं।

केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना को टॉप प्रदर्शन करने वालों के रूप में वर्गीकृत किया गया था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को यहां राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग 2021 जारी की। कुल 24 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों ने अभ्यास में भाग लिया, जिसने उन्हें पांच श्रेणियों सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले, शीर्ष प्रदर्शन करने वाले, लीडर्स, एसपायरिंग लीडर्स और उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्थान दिया। रैंकिंग उभरते उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए की गई पहल पर आधारित है।

स्टार्टअप में आ रही लगातार कमी
आपको बता दें कि फंडिंग में कमी के चलते घरेलू स्टार्टअप कर्मचारियों की संख्या में लगातार कमी कर रही हैं। इस पर हाल ही में एक रिपोर्ट आई है। एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया फ्यूचर यूनिकार्न इंडेक्स-2022 में अनुमान जताया है कि लगातार कटौती के कारण इस साल 60 हजार से ज्यादा स्टार्टअप कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा सकते हैं।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ऐसे समय में होने जा रहा है, जब अगले चार वर्षों में देश 200 यूनिकार्न का स्वागत करने जा रहा है। कर्मचारियों की छंटनी करने वालों में एडूटेक और ई-कामर्स प्लेटफार्म सबसे आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 शहरों के करीब 122 स्टार्टअप, यूनिकार्न (एक अरब डालर से ज्यादा मूल्यांकन वाली कंपनी) बनने की राह पर हैं।

इस साल नौकरी से निकाले गए 12 हजार कर्मचारी

रिपोर्ट्स की माने तो स्टार्टअप्स को निवेश मिल रहा है, जबकि कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का औसत बढ़ गया है। इस वर्ष अब तक करीब 12 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है। यह कर्मचारी ओला, ब्लिंकइट, बायजूस, अनएकेडमी, वेदांतू, कार्स-24, मोबाइल प्रीमियल लीग, लीडो लर्निग, एमफाइन जैसे प्रमुख स्टार्टअप्स से निकाले गए हैं।

Edited By: Sarveshwar Pathak