नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। क्रेडिट कार्ड सबसे अच्छे वित्तीय उत्पादों में से एक है, जिसके जरिए व्यक्ति लगभग 50-60 दिनों तक कुछ खरीदारी करके बिना ब्याज दिए अपना बिल चुका सकता है। क्रेडिट कार्ड लोगों को एक निश्चित स्तर की आय, बेहतर रीपेमेंट, क्रेडिट स्कोर, रोजगार की स्थिति और कई अन्य वजहों से दिए जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति एक कार्ड का इस्तेमाल कर रहा है और उसे दूसरा कार्ड चाहिए तो इसके लिए ग्राहक को एक अच्छा क्रेडिट स्कोर, क्रेडिट कार्ड के बिलों का समय पर रीपेमेंट का होना बेहद जरूरी है।

कई बार ऐसा होता है कि अच्छा क्रेडिट स्कोर न होने की वजह से बैंक या क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी आपको दूसरा क्रेडिट कार्ड देने से मना कर दे। इसके अलावा, रीपेमेंट में चूक, क्रेडिट कार्ड बिल को लगातार आगे बढ़ाते रहना, केवल मिनिमम बकाए का भुगतान करना इन सबकी वजह से भी बैंक आपको दूसरा क्रेडिट कार्ड देने से मन कर सकते हैं।

अगर किसी व्यक्ति को दूसरा क्रेडिट कार्ड चाहिए और बैंक उसे देने से मना कर रहा है तो उस व्यक्ति को सबसे पहले अपने पहले क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने पर बैंक से बात करना चाहिए। इसके अलावा उस व्यक्ति को अपने मौजूदा क्रेडिट कार्ड से खरीदारी की लिमिट बढ़ा देनी चाहिए। इसके साथ ही उसे यह भी धयान रखना चाहिए कि उसका रीपेमेंट हिस्ट्री अच्छा रहे।

इसके अलावा आप उस बैंक से पूछ सकते हैं कि वह दूसरा कार्ड क्यों नहीं दे सकता, इसका कारण क्या है? यदि दूसरा क्रेडिट कार्ड किसी अन्य बैंक की ओर से अस्वीकार कर दिया जाता है, तो व्यक्ति अपने खर्च, बिल भुगतान, चल रहे लोन साइकिल और ईएमआई को एक बार फिर जांच सकता है। बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान बेहतर रीपेमेंट ज्यादा खर्च और ज्यादा आय वाले व्यक्ति से ज्यादा खुश रहते हैं।  

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Posted By: Nitesh

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