नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि इससे सुविधा है और यह उपयोग करने में आसान है। लेकिन सभी को क्रेडिट कार्ड नहीं मिल सकता है, क्योंकि क्रेडिट कार्ड के लिए आपके पास अच्छे क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है तो उसे क्रेडिट कार्ड नहीं मिल सकता है।

जिन लोगों को जीरो क्रेडिट हिस्ट्री या खराब क्रेडिट हिस्ट्री की वजह से क्रेडिट कार्ड नहीं मिलता है, उन्हें अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले क्रेडिट कार्ड मिल सकता है, जिसे सुरक्षित क्रेडिट कार्ड भी कहा जाता है। सुरक्षित क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के लिए आपको क्रेडिट स्कोर की आवश्यकता नहीं है। फिक्स्ड डिपॉजिट इस मामले में खाताधारक की ओर से सुरक्षा के रूप में काम करता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले क्रेडिट कार्ड की सुविधाएं

क्रेडिट सीमा: एक सुरक्षित क्रेडिट कार्ड में लेन-देन की सीमा फिक्स्ड डिपॉजिट की राशि के आधार पर तय की जाती है। आमतौर पर बैंक कार्ड पर क्रेडिट सीमा के रूप में फिक्स्ड डिपॉजिट के मूल्य का 80-85% देते हैं। इसका मतलब है कि अगर आपके पास 1 लाख रुपये की एफडी है तो आप उस एफडी के बदले 85,000 रुपये तक का क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

कौन ले सकता है: यह कार्ड आपके खुद के पैसे के बदले उधार लेने जैसा है। रिटायर लोग, गृहिणी और छात्र, जिनके पास कोई आय या क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, ऐसे कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अगर आपने कार्ड की बकाया राशि का भुगतान नहीं तो बैंक के पास फिक्स्ड डिपॉजिट लेने का पूरा अधिकार है।

ब्याज दर: इस कार्ड की अधिकांश अन्य सुविधाएं सामान्य क्रेडिट कार्ड की तरह ही रहती हैं, इस कार्ड पर ली जाने वाली ब्याज दर आमतौर पर सामान्य कार्ड से कम होती है क्योंकि यह एक सुरक्षित कार्ड है और बैंक के लिए डिफ़ॉल्ट का कोई जोखिम नहीं है।

सामान्य क्रेडिट कार्ड पर चार्ज किए गए 36-42% की तुलना में इन कार्डों पर ब्याज दर 26-30% के बीच है। यह ब्याज दर तब लागू होगी जब आप नियत तारीख के भीतर अपने कार्ड का भुगतान नहीं करेंगे। 

Posted By: Nitesh

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