नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। ATM इस्तेमाल पर लगने वाले चार्जेस की समीक्षा के लिए आरबीआई एक समिति का गठन करेगा। केंद्रीय बैंक ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए NEFT और RTGS मनी ट्रांसफर पर लगने वाले शुल्क को भी समाप्त कर दिया है। छोटे वित्त बैंकों के लाइसेंसिंग के लिए मसौदे को लेकर जल्द दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। ये घोषणाएं आरबीआई की ओर से वित्तीय बाजारों को व्यापक बनाने के तहत की गई थीं।

क्या है RBI की बड़ी घोषणाएं

डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए RBI ने NEFT और RTGS पर लगने वाले शुल्क को हटा दिया है।

RBI ने आरटीजीएस और एनईएफटी पर मिलने वाले फायदे को जल्द से जल्द ग्राहकों तक पहुंचाने की बात कही है। शीर्ष बैंक ने अन्य बैंकों से इसपर एक सप्ताह के भीतर निर्देश जारी करने को कहा है।

RBI ने ऑटोमेटेड टेलर मशीनों (एटीएम) के उपयोग के लिए ली जाने वाली शुल्क की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि एटीएम शुल्क और शुल्क को बदलने की लगातार मांग की गई है। इसलिए इन मुद्दों को दूर करने के लिए RBI ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है, जो एटीएम शुल्क और फीस की पड़ताल करेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) लघु वित्तीय बैंकों के लिए सदासुलभ लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था के बारे में अगस्त 2019 में दिशानिर्देश जारी करेगा। रिजर्व बैंक ने कहा कि छोटे कर्जदारों के लिए बैंकिंग सुविधा को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए यह किया जा रहा है। रिजर्व बैंक ने सितंबर 2015 में 10 निकायों को लघु वित्तीय बैंकिंग में उतरने की मंजूरी दी थी।

बता दें कि RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में आम आदमी को एक बार फिर राहत दी है। रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों में चौथाई फीसद की कटौती की है। इस प्रकार मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पेश हुई मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 0.25 फीसद की कटौती की गई है। होम और ऑटो लोन लेने वालों के लिए यह राहत भरी खबर है। अब उनकी EMI का बोझ घटेगा। आपको बता दें कि यह लगातार तीसरी बार है जब भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कटौती की है।

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Posted By: Nitesh