नई दिल्‍ली, पीटीआइ। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व में बैंकों का एक कंसोर्टियम घाटे में चल रही एयर इंडिया के सुचारु संचालन के लिए टाटा समूह को लोन देने पर सहमत हो गया है। टाटा समूह, जिसने बीते साल अक्टूबर में एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ राष्ट्रीय वाहक और एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बोली जीती थी, के गुरुवार को औपचारिक रूप से एयरलाइन का अधिग्रहण करने की उम्मीद है।

SBI के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम एयरलाइन की जरूरतों के आधार पर टर्म लोन और कार्यशील पूंजी कर्ज दोनों देने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित सभी बड़े बैंक संघ का हिस्सा हैं।

इस बीच, सरकार ने टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण से पहले, गैर-प्रमुख संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए राष्ट्रीय एयरलाइन और विशेष प्रयोजन इकाई ‘एआईएएचएल’ के बीच समझौते को अधिसूचित किया है। सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में एयर इंडिया की बिक्री के लिए टाटा समूह के साथ 18,000 करोड़ रुपये में शेयर खरीद समझौता किया था।

ऐसी उम्मीद है कि टाटा समूह एयरलाइन पर पूरा नियंत्रण प्राप्त कर लेगा। टाटा समूह 2,700 करोड़ रुपये नकद चुकाएगा और एयरलाइन का 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज अपना लेगा। सौदे में एयर इंडिया एक्सप्रेस और उसकी इकाई एआईएसएटीएस की बिक्री भी शामिल है।

हस्तांतरण प्रक्रिया से पहले 24 जनवरी को निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एयर इंडिया लिमिटेड और एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) द्वारा और उनके बीच एयरलाइन की संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए किए गए समझौते की रूपरेखा को अधिसूचित किया।

एआईएएचएल की स्थापना 2019 में सरकार ने एयर इंडिया समूह की ऋण और गैर-प्रमुख संपत्ति रखने के लिए की थी। एयर इंडिया की चार सहायक कंपनियों -एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड, एयरलाइन अलाइड सर्विसेस लिमिटेड, एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेस लिमिटेड और होटल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ-साथ गैर प्रमुख संपत्तियों आदि को विशेष प्रयोजन इकाई में स्थानांतरित किया गया था।

Edited By: Ashish Deep