नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। आज के समय में बच्चों की पढ़ाई और शादी में सबसे ज्यादा खर्च होता है। महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ रही है, ऐसे में आने वाले समय में लोगों को अपनी बेटियों की शिक्षा और विवाह पर होने वाले खर्च को लेकर योजनाबद्ध तरीके से निवेश करने की जरूरत होती है। समय पर योजना बनाने और निवेश करने से आने वाले समय की जरूरतों को लेकर एक अच्छा-खासा फंड तैयार किया जा सकता है। विशेषज्ञ भी इस बात पर जोर डालते हैं कि हमें कम उम्र से ही यानी नौकरी की शुरुआत के साथ ही बचत और निवेश की आदत डालनी शुरू कर देनी चाहिए। सरकार ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह की एक योजना की शुरुआत की थी। इस स्कीम का नाम है- सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह स्कीम केवल बच्चियों के लिए है।  

ब्याज की दर (SSY Interest Rate)

टैक्स एंड इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन के मुताबिक सरकार हर तिमाही की शुरुआत में इस स्कीम के लिए ब्याज की दर निर्धारित करती है। इस स्कीम पर ब्याज की मौजूदा दर 7.6 फीसद पर बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी एक नोटिफिकेशन में PPF, SSY सहित अन्य लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती का ऐलान किया गया था। SSY पर ब्याज दर को 7.6 फीसद से घटाकर 6.9 फीसद करने की घोषणा की गई थी। हालांकि, गुरुवार की सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ब्याज दरों में यह कटौती चूक की वजह से हो गई थी और इसे वापस लिया जा रहा है। इस तरह मौजूदा तिमाही में भी ब्याज की दर 7.6 फीसद पर बरकरार है। 

अगर कोई व्यक्ति बेटी के कम उम्र में रहते हुए इस स्कीम में निवेश शुरू कर देता है तो वह 15 साल तक इस योजना में इंवेस्ट कर सकता है। 

हर साल कितना किया जा सकता है निवेश

बकौल जैन कोई भी व्यक्ति इस स्कीम में एक साल में न्यूनतम 250 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकता है। इस फंड में एक साल में कितनी भी बार रुपये जमा किए जा सकते हैं, बशर्ते की एक वित्त वर्ष में कुल जमा राशि 1.5 लाख रुपये से ज्यादा ना हो।  

इस स्कीम से जुड़ी खास बातेंः 

  • बेटी के 10वीं कक्षा पास करने या 18 साल के होने पर आप आंशिक निकासी कर सकते हैं। इस योजना में कुल 15 साल तक निवेश करना होता है। वहीं, मेच्योरिटी की अवधि 21 साल की होती है।
  • SSY में हर साल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर इनकम टैक्स में छूट मिलती है। कोई भी पैरेंट इस स्कीम में निवेश करने पर सेक्शन 80C के तहत छूट का लाभ प्राप्त कर सकता है। 
  • इस स्कीम के तहत ब्याज से होने वाली आय और मेच्योरिटी की राशि पर भी इनकम टैक्स में छूट मिलती है।

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