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खुलने से पहले धड़ाम हुआ NSE IPO का Live GMP, 300 से सीधे 190 रुपये पर आ पहुंचा; किस बात से घबरा गए निवेशक?

Published: Fri, 11 Sep 2026 03:45 PM (IST)

NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹300 से गिरकर ₹190 पर आ गया है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ ...और पढ़ें

NSE IPO का GMP ₹300 से गिरकर ₹190 पर आया।

NSE IPO का GMP ₹300 से गिरकर ₹190 पर आया।

HighLights

  1. NSE IPO का GMP ₹300 से गिरकर ₹190 पर आया।

  2. आईपीओ सब्सक्रिप्शन 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुलेगा।

  3. सेकेंडरी मार्केट की कमजोरी और आईपीओ साइज घटने से गिरावट।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। NSE IPO GMP: भारत के दूसरे सबसे बड़े आईपीओ NSE IPO का इंतजार खत्म हो चुका है। इसका सब्सक्रिप्शन 17 सितंबर से खुलेगा। लेकिन तारीख घोषित होते ही इसका ग्रे प्रीमियम मार्केट धड़ाम हो गया। इसका जीएमपी 300 से गिरकर 200 रुपये से भी नीचे जा चुका है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि निवेशक घबरा गए? आइए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज आईपीओ से जुड़ी जरूरी बातें जानते हैं।

इनवेस्टोग्रेन के अनुसार इस समय NSE IPO का जीएमपी 189 रुपये है। यानी यह अपने अपर प्राइस बैंड से 189 रुपये अधिक कीमत पर लिस्ट हो सकता है। इसका अपर प्राइस बैंड 1785 रुपये है। यानी LIVE GMP के अनुसार एनएसई आईपीओ की लिस्टिंग 1974 रुपये के स्तर पर हो सकती है। इसके हिसाब से निवेशकों को हर शेयर पर 10.59% का मुनाफा हो सकता है।

क्यों गिरा NSE IPO का GMP?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) IPO के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग ₹310 के उच्चतम स्तर से गिरकर ₹190 पर आ गया। ऐसा व्यापक सेकेंडरी मार्केट में कमजोरी, NSE से जुड़े शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग और आधिकारिक प्राइस बैंड की घोषणा के बाद हुए एडजस्टमेंट के कारण हुआ।

NSE IPO का साइज भी कम हुआ है

गुरुवार को भारत के सबसे बड़े एक्सचेंज ने अपने IPO का साइज 15% से ज्यादा घटा दिया, क्योंकि कुछ बड़े निवेशकों ने अपने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी। अपडेटेड प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, कंपनी ने पहले प्लान किए गए 148.9 मिलियन शेयरों की संख्या को घटाकर 126.44 मिलियन कर दिया है। इस ऑफरिंग में पूरी तरह से मौजूदा शेयर शामिल होंगे, जिसमें कंपनी की इक्विटी कैपिटल का लगभग 5.1% हिस्सा बिक्री के लिए होगा; यह पहले प्लान किए गए लगभग 6% से कम है।

NSE के शेयर की बिक्री सब्सक्रिप्शन के लिए 17 सितंबर को खुलेगी और 21 सितंबर को बंद होगी, जबकि एंकर इन्वेस्टर की बोली 16 सितंबर को होगी। उम्मीद है कि स्टॉक 24 सितंबर या उसके आस-पास लिस्ट होगा।

कब अस्तित्व में आया था नेशनल स्टॉक एक्सचेंज?

भारत में कई स्टॉक मार्केट स्कैम होने के बाद 1992 में NSE की स्थापना की गई थी। इसे अलग-अलग इलाकों के एक्सचेंज के बिखरे हुए नेटवर्क की जगह लेने के लिए बनाया गया था। NSE में शुरुआती निवेश करने वालों में भारतीय वित्तीय संस्थानों का एक समूह शामिल था, जिसमें लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), IDBI और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शामिल थे।

एक्सचेंज के 17 जून के डेटा के अनुसार, NSE के 2,000 से ज्यादा रजिस्टर्ड सदस्य और 2,200 से ज्यादा लिस्टेड कंपनियां हैं, जिनका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग $5 ट्रिलियन है।

NSE IPO की हर एक जरूरी डिटेल

इश्यू का प्रकार: बुक बिल्ट इश्यू (सिर्फ OFS)
कुल इश्यू साइज: 22,561.57 करोड़ रुपये तक
ऑफर फॉर सेल (OFS): 22,561.57 करोड़ रुपये तक
फेस वैल्यू: 1 रुपया प्रति इक्विटी शेयर
प्राइस बैंड: 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर
लॉट साइज: 8 शेयर
कम से कम निवेश राशि (रिटेल इन्वेस्टर): 14,280 रुपये (ऊपरी कीमत पर 8 शेयर)
कब से कब तक खुला रहेगा : 17 सितंबर से 21 सितंबर तक
कब होगी लिस्टिंग : 24 सितंबर (संभावित)
किस एक्सचेंज पर होगा लिस्ट : बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)

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"IPO से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां IPO को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)