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Share Market में और बढ़ेगी गिरावट, क्या है US ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड; 22 साल के उच्च स्तर पर पहुंचने से क्यों बढ़ी टेंशन?

Published: Thu, 24 Sep 2026 05:27 PM (IST)

शेयर बाजार में 24 सितंबर को भारी गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण यूएस 30 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का 2004 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचना है।

AI जनरेटेड सांकेतिक तस्वीर

AI जनरेटेड सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. शेयर बाजार में 24 सितंबर को भारी गिरावट दर्ज की गई।

  2. यूएस ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 2004 के बाद उच्चतम स्तर पर।

  3. बढ़ती यील्ड से इक्विटी से बॉन्ड में निवेश शिफ्ट हो रहा।

नई दिल्ली। शेयर बाजार (Share Market Crash) में 24 सितंबर को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और निफ्टी 380 अंक टूटकर 23063 पर बंद हुआ। सवाल है कि आखिर बाजार में ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी मंदी आ गई, क्या गिरावट और गहराएगी? दरअसल, क्रूड के अलावा मार्केट में गिरावट की एक और बड़ी वजह यूएस 30 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड (US 30-year Treasury yields) है। अमेरिका में गुरुवार को अमेरिकी बॉन्ड की बिकवाली तेज हो गई, जिसके चलते 30 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड 2004 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। यह तेजी मजबूत अमेरिकी विकास और बढ़ती मुद्रास्फीति के दबाव को दर्शाने वाले आंकड़ों के बाद संभव हुआ।

30-साल के US ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 3 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा बढ़कर 5.444% हो गई, जो 2004 के बाद से इसका सबसे ऊंचा स्तर है। 10-साल के US ट्रेजरी की यील्ड – जो 29-ट्रिलियन डॉलर के ट्रेजरी मार्केट का बेंचमार्क है और दुनिया भर में लगभग सभी फाइनेंशियल एसेट्स की कीमत तय करने का आधार है।

क्यों आया उछाल?

अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसके चलते पिछले कई महीनों से बॉन्ड यील्ड में तेजी से वृद्धि हो रही है। वहीं, विकास स्थिर बना हुआ है और निवेशक सरकारी कर्ज के उच्च स्तर को लेकर चिंतित हैं। गौरतलब है कि बॉन्ड यील्ड, बॉन्ड यील्ड के विपरीत दिशा में चलती है, यानी बढ़ती यील्ड बॉन्ड की गिरती कीमतों को दर्शाती है।

यूएस ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड से बाजार को क्या खतरा?

  • यूएस ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड, निवेश का एक सुरक्षित और विकल्प है, जिसमें गारंटीड रिटर्न मिलता है, यही वजह है कि इसके बढ़ने पर शेयर मार्केट से पैसों की निकासी होती है।
  • अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स को दुनिया का सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है क्योंकि इसके पीछे यूएस गवर्नमेंट की गारंटी होती है। जब इन बॉन्ड्स पर रिटर्न (यील्ड) बढ़ने लगता है, तो वैश्विक निवेशक शेयर बाज़ार से अपना पैसा निकालकर इन सुरक्षित बॉन्ड्स में इन्वेस्ट करना ज़्यादा पसंद करते हैं। क्योंकि, इक्विटी मार्केट में निवेश जोखिम भरा होता है जबकि बॉन्ड्स में रिटर्न की गारंटी होती है।

क्या और गिरेगा बाजार?

जब भी अमेरिका में ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड पर रिटर्न ज्यादा होता है तो विदेशी निवेशक भारत समेत अन्य इमर्जिंग मार्केट्स से अपना पैसा निकालने लगते हैं और इस बिकवाली के चलते शेयर बाजार में गिरावट गहराती है। अगर यूएस बॉन्ड यील्ड में तेजी बरकरार रहती है तो निकट अवधि में शेयर बाजार पर और दबाव देखने को मिल सकता है।

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ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के अलावा निकट भविष्य में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की उम्मीदें और मजबूत हो गईं। फेड फंड्स फ्यूचर्स ट्रेडर्स अब अक्टूबर में ब्याज दरों में वृद्धि की 66% संभावना जता रहे हैं, जो दिन की शुरुआत में 53% थी। एक महीने पहले, इसकी संभावना 10% से भी कम थी।