Share Market Closed: शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, सेंसेक्स 125 अंक टूटा; निफ्टी 22600 पर बंद
Share Market Closed: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 125.56 अंक और निफ्टी ...और पढ़ें
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शेयर बाजार सप्ताह के आखिरी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ।
HighLights
शेयर बाजार सप्ताह के आखिरी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
कंज्यूमर ड्यूरेबल, रियल्टी, एनर्जी जैसे सेक्टरों में भारी गिरावट।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Share Market Closed: सप्ताह के आखिरी ट्रेडिंग दिन में बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। शुक्रवार को भारतीय रुपया लगातार दूसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। यह 12 पैसे गिरकर 94.94 प्रति डॉलर पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 94.82 पर बंद हुआ था।
कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 125.56 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,123.83 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 87.65 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 22,600 पर आ गया।
किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट?
निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वालों में श्रीराम फाइनेंस, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, टाटा स्टील और जियो फाइनेंशियल शामिल थे। इसके अलावा, अपोलो हॉस्पिटल्स, इंफोसिस, टीसीएस और मारुति सुजुकी में भी गिरावट देखने को मिली।
सभी सेक्टोरल सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 3 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि रियल्टी, एनर्जी, मेटल और पीएसयू बैंक सूचकांकों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.9 प्रतिशत नीचे आ गया।
क्या बोले एक्सपर्ट?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- "आज के बाजार में मुख्य चिंता निफ्टी की तुलना में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में आई बहुत बड़ी गिरावट है। वैल्युएशन को लेकर चिंताएं, लीवरेज्ड पोजीशन (उधार लेकर बनाई गई पोजीशन) को कम करना, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक स्तर से मिल रहे कमजोर संकेतों ने पूरे बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। इंडिया VIX में उछाल यह भी बताता है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) बना रहेगा।"
उन्होंने आगे कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं, जबकि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े वैश्विक इक्विटी बिकवाली के दौर ने निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। आगे चलकर, महंगाई के रुझान और महंगाई तथा विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रमुख केंद्रीय बैंकों के कदम बाजार की दिशा तय करने में अहम होंगे। ऐसे माहौल में, हमें उम्मीद है कि स्टॉक और सेक्टर-विशेष के अवसर हावी रहेंगे, जहां कंपनियों की कमाई की स्पष्टता और वैल्युएशन का सही स्तर, निवेश के फैसले लेने में मुख्य आधार बनेंगे।
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
