NSE IPO GMP घटकर 3% हुआ, अब तक 1.75 गुना मिला सब्सक्रिप्शन; कितनी हो सकती है कमाई?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO अंतिम दिन 1.75 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें गैर-संस्थागत निवेशकों की सबसे अधिक मांग रही। ...और पढ़ें

NSE IPO को मिला 1.75 गुना सब्सक्रिप्शन, GMP में गिरावट के बाद लिस्टिंग पर क्या होगा असर
HighLights
NSE IPO अंतिम दिन 1.75 गुना सब्सक्राइब हुआ।
ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट, 3% लिस्टिंग गेन का संकेत।
यह ऑफर फॉर सेल है, NSE को कोई रकम नहीं।
नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के IPO को 21 सितंबर को आखिरी दिन 1.75 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 22,569 करोड़ रुपये वाले इस IPO में 8,86,42,911 शेयरों के मुकाबले 12,89,85,128 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। सबसे ज्यादा मांग नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की ओर से रही, जिनका सब्सक्रिप्शन 2.89 गुना रहा। इसके बाद क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का नंबर रहा, जिनका सब्सक्रिप्शन 2.29 गुना था। रिटेल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 95 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ।
NSE GMP में कितनी आई गिरावट
इनवेस्टग्रेन डेटा के अनुसार, ग्रे मार्केट में शेयरों के GMP में गिरावट देखी जा रही है। 21 सितंबर की सुबह के लेटेस्ट प्रीमियम से लगभग 3 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है। हालांकि GMP कोई ऑफिशियल मार्केट इंडिकेटर नहीं है और यह लिस्टिंग प्राइस या रिटर्न की गारंटी नहीं देता है। इसे कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस या फंडामेंटल्स का पैमाना नहीं माना जाना चाहिए।
कितना मिलेगा NSE IPO पर लिस्टिंग गेन
21 सितंबर को सुबह 11:30 बजे तक NSE IPO का आखिरी रिकॉर्ड किया गया ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹59 था। ₹1,785 के ऊपरी प्राइस बैंड के साथ, NSE IPO की अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹1,844 है। इसका मतलब है कि इश्यू प्राइस के मुकाबले 3.31% का संभावित लिस्टिंग प्रीमियम मिल सकता है।
कंपनी ने 16 सितंबर को कई बड़े घरेलू और ग्लोबल इन्वेस्टर्स से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए, जिसमें लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) सबसे बड़ा इन्वेस्टर बनकर उभरा।
NSE, जो ₹4.42 लाख करोड़ का वैल्यूएशन चाह रहा है, ने प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर 189 एंकर इन्वेस्टर्स को 3.77 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं। एक्सचेंज द्वारा चाहा गया वैल्यूएशन इसे मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के मामले में टॉप 15 कंपनियों की लिस्ट में शामिल कर सकता है।
पब्लिक सब्सक्रिप्शन 17 सितंबर से 21 सितंबर तक चलेगा, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की पूरी तरह से 'ऑफर-फॉर-सेल' (OFS) शामिल है। ऑफर के लिए प्राइस बैंड ₹1,700-1,785 प्रति शेयर तय किया गया है।
चूंकि यह पूरी तरह से 'ऑफर-फॉर-सेल' है, इसलिए NSE को IPO से कोई रकम नहीं मिलेगी। ऑफ़र से होने वाली पूरी कमाई (इश्यू के खर्चों को छोड़कर) शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगी।
एक्सचेंज ने अपने कर्मचारियों के लिए 70 करोड़ रुपये के शेयर रिज़र्व किए हैं। इन कर्मचारियों को ये शेयर फ़ाइनल इश्यू प्राइस से 170 रुपये प्रति शेयर की छूट पर दिए जाएंगे।
IPO में शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि NSE के शेयर 24 सितंबर से BSE पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया के बारे में
NSE मुख्य एसेट क्लास में कुल टर्नओवर के मामले में भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को समाप्त तीन महीने की अवधि के आंकड़ों के अनुसार, कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93.05 प्रतिशत, इक्विटी फ़्यूचर्स में 99.72 प्रतिशत, इक्विटी ऑप्शंस में 68.48 प्रतिशत, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ़्यूचर्स में 100 प्रतिशत और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100 प्रतिशत (कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर) है।
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(डिस्क्लेमर: यहां IPO को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
