18 महीने के निचले स्तर पर मार्केट, FIIs की एक दिन में 12943 करोड़ की बिकवाली; अब Nifty के लिए कौन-से लेवल अहम?
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण 8 अक्टूबर को शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, निफ्टी 18 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ।

8 अक्टूबर को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार।
HighLights
निफ्टी 18 महीने के निचले क्लोजिंग स्तर पर पहुंचा।
कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।
FIIs ने एक दिन में 12943 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
नई दिल्ली। कच्चे तेल (Crude Prices) में लगातार तेजी और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते शेयर बाजार (Share Market Fall) में 8 अक्टूबर को बड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी ने इंट्रा डे के दौरान 22200 का स्तर भी तोड़ दिया और 22179 का लो लगा दिया। हालांकि, क्लोजिंग 22231 के स्तर पर दी। उधर, ग्लोबल मार्केट में भी सेलऑफ देखने को मिला और डाऊ फ्यूचर्स भी 260 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
सवाल है कि क्या शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भी मार्केट में गिरावट गहरा सकती है, कल के लिए क्या लेवल अहम होंगे। आइये सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र के लिए ट्रेडिंग सेटअप को समझते हैं।
18 महीने के निचले स्तर पर Nifty
निफ्टी 50 में गुरुवार को ज़बरदस्त बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे यह 1.6 प्रतिशत से ज़्यादा गिरकर 18 महीने के निचले क्लोजिंग स्तर पर आ गया। सितंबर से ही मार्केट का टेक्निकल स्ट्रक्चर मज़बूती से 'मंदड़ियों' के कंट्रोल में रहा है; इंडेक्स 10, 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से काफी नीचे बना हुआ है। वहीं, इंडिया VIX (बाजार में अस्थिरता दिखाने वाला सूचकांक) भी 4 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
निफ्टी 50 अगस्त में अपने 24,774 के हाई लेवल से 2,500 पॉइंट (यानी 10%) से ज़्यादा गिर चुका है और लगातार नौवें हफ़्ते गिरावट के साथ बंद होने की कगार पर है। इंडेक्स इंट्राडे में अप्रैल के 22,182 के निचले स्तर से भी नीचे चला गया, जबकि इंडेक्स अपने ऑल टाइम हाई (26373) से 15 फीसदी तक करेक्ट हो चुका है।
बढ़ता क्रूड और FIIs की बिकवाली
कच्चे तेल की कीमतें लगातार $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 8 अक्टूबर को 12943 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि DIIs ने 10703 करोड़ रुपये की खरीदारी की है।
अब क्या लेवल अहम?
अगर क्रूड की कीमतों में और तेजी आती है और बाजार में बिकवाली का दबाव जारी रहता है तो बाजार में और गिरावट हावी हो सकती है। ऐसे में अगर निफ्टी गुरुवार के निचले स्तर से नीचे जाता है तो 22,000 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल तक पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, अगर यह 22000 का सपोर्ट भी टूटता है तो अगला अहम सपोर्ट लेवल 21,700 पर होगा।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
