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Share Market Closed: शेयर बाजार हुआ धड़ाम! सेंसेक्स 429 अंक गिरा, निफ्टी 22,603 पर बंद

Published: Wed, 07 Oct 2026 03:59 PM (IST)

Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई, जिससे दो दिन की तेजी का सिलसिला ...और पढ़ें

भारतीय शेयर बाजार में दो दिन की तेजी का सिलसिला टूटा।

भारतीय शेयर बाजार में दो दिन की तेजी का सिलसिला टूटा।

HighLights

  1. भारतीय शेयर बाजार में दो दिन की तेजी का सिलसिला टूटा।

  2. सेंसेक्स 429 अंक, निफ्टी 173 अंक गिरकर बंद हुए।

  3. FMCG, IT, ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट देखी गई।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार 7 अक्टूबर को गिरावट देखी गई। लगातार दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया। निफ्टी 22,650 के नीचे रहा।

मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 429.11 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 72,638.70 पर और निफ्टी 173.05 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 22,603.05 पर बंद (NSE BSE Closed) हुआ। लगभग 1928 शेयरों में बढ़त हुई, 2251 शेयरों में गिरावट आई और 192 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट और किसमें रही तेजी

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में टाइटन कंपनी, अडानी एंटरप्राइजेज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, JSW स्टील और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल थे, जबकि बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, BSE लिमिटेड, भारती एयरटेल, ICICI बैंक और कोल इंडिया शामिल थे।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6% की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.3% की बढ़त हुई।

सेक्टरों की बात करें तो मीडिया और PSU बैंक को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए; FMCG, IT, ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर में 1-2% की गिरावट देखी गई।

क्यों गिरा बाजार

रेपो रेट में बढ़ोतरी: रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बार है जब दरें बढ़ाई गई हैं। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि RBI का दरें बढ़ाना साइक्लिकल महंगाई (समय-समय पर होने वाली महंगाई) के बढ़ते जोखिम को दिखाता है। 

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी: ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 1% बढ़कर $101.5 हो गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट से सप्लाई बढ़ने के बावजूद, US में तेल उत्पादन पर तूफान का खतरा और सऊदी अरब पर हूथी हमलों का असर ज़्यादा रहा।

क्या बोले एक्सपर्ट?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- "RBI द्वारा उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरें बढ़ाने के बाद, घरेलू बाजार ने पॉलिसी के रुख में 'न्यूट्रल' से 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (सोच-समझकर सख्ती) की ओर बदलाव पर ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया दी, जो ब्याज दर चक्र में बदलाव का संकेत है। जहां ग्रोथ के अनुमानों में बढ़ोतरी ने घरेलू फंडामेंटल्स की मजबूती को फिर से साबित किया, वहीं महंगाई के ऊंचे अनुमान और कीमतों में स्थिरता पर RBI के जोर ने बाजार के सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर किया।"

उन्होंने आगे कहा कि U.S. FOMC की बैठक से पहले, U.S. यील्ड में बढ़ोतरी, डॉलर के मज़बूत होने और FII की लगातार निकासी के बीच रुपया दबाव में रहा, जिससे बाजार में गिरावट और बढ़ गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो, ऊंची ब्याज दरों वाले माहौल से मार्जिन में फायदे की उम्मीद के चलते बैंकिंग शेयरों ने बाजार की व्यापक कमजोरी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव बना रहा।

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)