HDFC Bank News: भारत के सबसे बड़े बैंक ने जुटाए 16747 करोड़ रुपये, विदेशी बॉन्ड मार्केट में बड़ी छलांग
HDFC बैंक ने सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड के ज़रिए 1.75 अरब डॉलर जुटाए हैं, जो 2008 के बाद बैंक का सबसे ...और पढ़ें

HDFC बैंक ने सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड के जरिए 16,747 करोड़ रुपये जुटाए हैं। (AI Image)
HighLights
HDFC बैंक ने सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड से 1.75 अरब डॉलर जुटाए।
2008 के ग्लोबल क्राइसिस के बाद सबसे बड़ा विदेशी फंड।
GIFT सिटी ब्रांच के ज़रिए दो हिस्सों में जारी किए गए।
नई दिल्ली। HDFC बैंक ने सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड के जरिए 1.75 अरब डॉलर (16,747 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद से यह बैंक का सबसे बड़ा विदेशी फंड जुटाने का कदम है। कई लेंडर अब विदेशी बॉन्ड मार्केट का रुख कर रहे हैं।
देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर लेंडर ने 20 अगस्त को बताया कि यह जारी करने का काम उसकी GIFT सिटी ब्रांच के जरिए हुआ और यह दो हिस्सों (ट्रैंच) में जारी किया गया था। पहला हिस्सा 500 मिलियन डॉलर के तीन साल के बॉन्ड का था और दूसरा हिस्सा 1.25 बिलियन डॉलर के पांच साल के बॉन्ड का था।
तीन साल के बॉन्ड पर 5.159% का कूपन है, जबकि पांच साल के बॉन्ड पर 5.401% का कूपन है। इन पर ब्याज का भुगतान हर छह महीने में किया जाएगा। दोनों हिस्सों का सेटलमेंट 26 अगस्त को होगा। तीन साल के बॉन्ड 26 अगस्त, 2029 तक मैच्योर होंगे, जबकि पांच साल के बॉन्ड 26 अगस्त, 2031 तक मैच्योर होंगे।
तीन साल के बॉन्ड के लिए प्राइस गाइडेंस T+88 बेसिस पॉइंट्स (bps) और पांच साल के बॉन्ड के लिए T+100 bps है।
विदेशी डेट मार्केट की तरफ क्यों रुख कर रहे बैंक?
हाल के दिनों में कई प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर लेंडर्स ने विदेशी डेट मार्केट का रुख किया है। ऐसा उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECBs) के लिए कंसेशनल स्वैप विंडो के तहत किया है, जो साल के आखिर तक चलेगी।
हाल ही में, IDFC फर्स्ट बैंक ने विदेशी बॉन्ड के ज़रिए 500 मिलियन डॉलर जुटाए, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक ने भी अपने पहले पांच साल के बॉन्ड इश्यू में लगभग 650 मिलियन डॉलर जुटाए। ICICI बैंक और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने भी इस रास्ते से बड़ी रकम जुटाई है।
ये बॉन्ड इंडिया INX एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट होंगे। मूडीज़ ने इन्हें Baa3 क्रेडिट रेटिंग दी है, जबकि S&P ग्लोबल ने इन बॉन्ड को BBB रेटिंग दी है।
बैंक ने यह रकम 144A रूट के जरिए जुटाई है। इसका मतलब है कि बैंक के इस इश्यू के बदले कोई सिक्योरिटी नहीं रखी गई है।
