सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Bosch और Tata ग्रुप के बीच नए ज्वाइंट वेंचर को लेकर डील, 5 साल तक नहीं बेच सकेंगे शेयर, जानिए करार की शर्तें

Published: Wed, 18 Mar 2026 12:16 PM (IST)

बॉश लिमिटेड और टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम्स लिमिटेड ने भारत में एक ज्वाइंट वेंचर बनाने का एलान किया है। यह 50-50% ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. बॉश और टाटा ऑटोकोम्प ने ज्वाइंट वेंचर का एलान किया।

  2. ई-एक्सल, इलेक्ट्रिक मोटर्स का निर्माण करेंगे।

  3. 50-50% हिस्सेदारी, 5 साल का लॉक-इन पीरियड।

नई दिल्ली। Bosch Limited ने 18 मार्च 2026 को हुई अपनी बोर्ड बैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए Tata Autocomp Systems Limited के साथ संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) बनाने को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी कंपनी ने सेबी (LODR) नियमों के तहत एक्सचेंज को दी है। कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित जॉइंट वेंचर भारत में स्थापित किया जाएगा, जो ई-एक्सल और इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन मोटर्स के निर्माण, बिक्री और आफ्टर-सेल्स सर्विस का काम करेगा। इस संयुक्त उद्यम में दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी 50-50 फीसदी होगी।

Bosch Limited और Tata Autocomp Systems Limited मिलकर एक नई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का गठन करेंगे, जिसका नाम दोनों कंपनियां मिलकर तय करेंगी और इसे रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से मंजूरी मिलने के बाद शामिल किया जाएगा।

क्या होगा इक्विटी शेयर कैपिटल?

इस जॉइंट वेंचर के लिए प्रस्तावित इक्विटी शेयर कैपिटल 94 करोड़ रुपये तक हो सकता है। हालांकि, शुरुआत में 10 लाख रुपये की पेड-अप कैपिटल के साथ कंपनी की स्थापना की जाएगी, जिसमें दोनों कंपनियां बराबर-बराबर निवेश करेंगी।

समझौते के तहत बनने वाली कंपनी के बोर्ड में कुल 6 डायरेक्टर होंगे, जिनमें से 3-3 डायरेक्टर Bosch Limited और Tata Autocomp Systems Limited द्वारा नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा, शेयर ट्रांसफर को लेकर भी सख्त शर्तें तय की गई हैं। जॉइंट वेंचर में 5 साल का लॉक-इन पीरियड रहेगा, जिसके दौरान कोई भी शेयर ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा, हालांकि गैर-प्रतिस्पर्धी सहयोगी कंपनियों को ट्रांसफर की अनुमति होगी।

ज्वाइंट वेंचर की अन्य शर्तें

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि Bosch Limited और Tata Autocomp Systems Limited एक-दूसरे के प्रमोटर समूह का हिस्सा नहीं हैं और यह ट्रांजैक्शन संबंधित पार्टी लेनदेन (Related Party Transaction) की श्रेणी में नहीं आता।

ये भी पढ़ें- मुकेश अंबानी की कंपनी पर सरकार ने लगाया जुर्माना, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा- इस आदेश को देंगे चुनौती

इस जॉइंट वेंचर के तहत Bosch इंजीनियरिंग और डेवलपमेंट में सहयोग देगा, जबकि Tata Autocomp संचालन, खरीद और प्रशासनिक कार्यों को संभालेगा। Bosch Limited ने कहा है कि जॉइंट वेंचर कंपनी के गठन के बाद आवश्यक सभी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को उपलब्ध कराई जाएगी।