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Bank FD से ज्यादा रिटर्न दे रही बजाज की कंपनी, सालाना 7.93% की ब्याज दर; जारी किए ₹1152 करोड़ के NCDs

Published: Thu, 23 Jul 2026 03:10 PM (IST)

बजाज फाइनेंस ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹1,152.64 करोड़ के सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) आवंटित किए हैं। इन NCDs पर ...और पढ़ें

बजाज फाइनेंस ने ₹1,152.64 करोड़ के NCDs जारी किए।

बजाज फाइनेंस ने ₹1,152.64 करोड़ के NCDs जारी किए।

HighLights

  1. बजाज फाइनेंस ने ₹1,152.64 करोड़ के NCDs जारी किए।

  2. निवेशकों को 7.93% वार्षिक ब्याज मिलेगा, FD से ज्यादा।

  3. ये डिबेंचर्स सुरक्षित हैं और 2029 में मैच्योर होंगे।

नई दिल्ली। दिग्गज नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस लिमिटेड (Bajaj Finance Limited) ने बाजार से पूंजी जुटाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

कंपनी ने प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर 'सिक्योर्ड रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स' (NCD) आवंटित करके ₹1,152.64 करोड़ जुटाए हैं। निवेशकों को इसमें बैंक एफडी से भी ज्यादा का ब्याज मिलेगा। कंपनी निवेशकों को 7.93% का इंटरेस्ट देगी।

कंपनी ने जारी किए 114076 NCDs

कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज (BSE और NSE) को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बजाज फाइनेंस की 'डिबेंचर अलॉटमेंट कमेटी' ने 23 जुलाई 2026 को हुई अपनी बैठक में इन NCDs के आवंटन को मंजूरी दी। कंपनी ने कुल 1,14,076 NCDs आवंटित किए हैं, जिनमें से प्रत्येक की फेस वैल्यू 1 लाख रुपये है।

मिलेगा 7.93% का ब्याज

ब्याज दर और मैच्योरिटी की जानकारी इस इश्यू के तहत निवेशकों को 7.93% प्रति वर्ष की दर से कूपन (ब्याज) ऑफर किया गया है। ब्याज का पहला भुगतान 12 जून 2027 को किया जाएगा और उसके बाद यह सालाना आधार पर देय होगा। इन डिबेंचर्स की मैच्योरिटी अवधि 1055 दिन (शेष दिन) तय की गई है, जिसका अर्थ है कि यह 12 जून 2029 को मैच्योर होंगे।

सुरक्षा और लिस्टिंग ये डिबेंचर्स पूरी तरह से 'सिक्योर्ड' (सुरक्षित) हैं। कंपनी ने बताया है कि इनका पुनर्भुगतान और ब्याज कंपनी के बुक डेट्स और लोन रिसीवेबल्स पर चार्ज के जरिए सुरक्षित किया गया है। इन NCDs को BSE लिमिटेड के 'होलसेल डेट मार्केट सेगमेंट' पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

बजाज फाइनेंस का यह कदम कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और बाजार में उसकी साख को दर्शाता है। प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया गया यह फंड कंपनी के व्यावसायिक विस्तार और लिक्विडिटी मैनेजमेंट में मदद करेगा। चूंकि ये 'सिक्योर्ड' डिबेंचर्स हैं, इसलिए इनमें जोखिम की मात्रा अनसिक्योर्ड इंस्ट्रूमेंट्स की तुलना में कम मानी जाती है।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)