नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। इंडिया पोस्ट या डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट जो कि देशभर में अपने पोस्टल नेटवर्क का संचालन करता है काफी सारी सेविंग स्कीम की पेशकश करता है। सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस) इसमें सबसे प्रमुख है। पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम पर 8.7 फीसद का ब्याज सालाना आधार पर मिलता है, जो कि 31 मार्च, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को जमा के आधार पर मिलता है। इस ब्याज का भुगतान 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को किया जाता है। यह जानकारी इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर (indiapost.gov.in) पर उपलब्ध है।

पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम के बारे में आपको ये 10 बातें हर हाल में पता होनी चाहिए:

  • योग्यता: सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम खाते को 60 वर्ष या उससे ऊपर की आयु के लोग खुलवा सकते हैं। हालांकि 55 और 60 वर्ष से कम आयु के ऐसे लोग जो कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं या वॉलिंटियरी रिटायरमेंट स्कीम के अंतर्गत आते हैं वो भी इस खाते को खुलवा सकते हैं। हालांकि इसमें कुछ नियम व शर्तें लागू होती हैं।
  • अमाउंट: अकाउंट होल्डर इसमें 1000 के गुणकों में राशि जमा करवा सकते हैं। हालांकि इस खाते में अधिकतम निवेश की सीमा 15 लाख रुपये की है।
  • मैच्योरिटी: सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 5 वर्षों की है।
  • मैच्योरिटी पूर्व खाते को बंद करवाना: इस स्कीम के अंतर्गत मैच्योरिटी से पहले खाते को बंद करवाने की अनुमति मिलती है। हालांकि अगर आप खाते को एक साल बाद बंद करवा देते हैं तो आपको 1.5 फीसद की पेनाल्टी देनी होती है, वहीं पांच साल के बाद खाता बंद करवाने पर आपको जमा राशि का 1 फीसद बतौर जुर्माना देना होता है।
  • आयकर लाभ: इस स्कीम के अंतर्गत किया गया निवेश आयकर की धारा 80C के अंतर्गत टैक्स छूट के दायरे में आता है। हालांकि अगर ब्याज आय 10,000 रुपये सालाना से ज्यादा है तो इस पर TDS की कटौती की जाएगी।
  • विस्तार: मैच्योरिटी पूरी होने के बाद इसमें और विस्तार दिया जा सकता है। मैच्योरिटी खत्म होने के एक वर्ष पहले तक इसमें तीन वर्षों का विस्तार दिया जा सकता है। ऐसे मामलों में विस्तार के एक वर्ष बीत जाने के बाद कभी भी खाता बंद करवाया जा सकता है। यह जानकारी इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज है।
  • नॉमिनेशन की सुविधा: पोस्ट ऑफिस के सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर नॉमिनेशन की सुविधा भी उपलब्ध होती है। यह सुविधा खाता खोलने के समय और खाता खोलने के बाद मिलती है।
  • अकाउंट ट्रांसफर: खाते को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में भी ट्रांसफर करवाया जा सकता है।
  • खोले जा सकते हैं कितने खाते: किसी भी पोस्ट ऑफिस में कितने भी खाते खुलवाए जा सकते हैं। हालांकि सभी खातों में निवेश की सीमा निर्धारित सीमा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • ज्वाइंट अकाउंट: एक जमाकर्ता एक से ज्यादा खातों का संचालन कर सकता है। वह इसका संचालन अकेले या फिर पत्नी के साथ साझा रुप में कर सकता है। ज्वाइंट अकाउंट पत्नी के साथ ही खुलवाया जा सकता है। ज्वाइंट अकाउंट में पहला जमाकर्ता निवेशक ही होना चाहिए।

यह भी पढ़ें: जवानी में निपटा लिए ये 3 काम, तो बुढ़ापे में नहीं सताएगी पैसों की चिंता

Posted By: Praveen Dwivedi