नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कई बार पैसे की बहुत जरूरत पड़ जाती है और ऐसे समय में पैसा नहीं होता है, फिर किसी से उधार लेना होता है या लोन के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में कई लोग PF फंड के बारे में भी सोचते हैं। वैसे तो ग्राहक पीएफ फंड से आंशिक निकासी या 'अग्रिम' निकासी कर सकते हैं। लेकिन PF फंड से पैसा तभी निकालना चाहिए जब बहुत ज्यादा जरूरी हो। फाइनेंशियल प्लानर और टैक्स एक्सपर्ट, बलवंत जैन कहते हैं, 'व्यक्ति को PF खाते से पैसा नहीं निकालना चाहिए, क्योंकि इसपर अर्जित होने वाले ब्याज पर टैक्स नहीं लगता है, इसलिए इसे न छुएं।' ईपीएफ खातों में कर्मचारी अपने वेतन का 12 प्रतिशत योगदान करते हैं, और इतनी ही राशि नियोक्ताओं द्वारा जमा की जाती है।

बलवंत जैन कहते हैं, 'PF के पैसे का इस्तेमाल रिटायरमेंट के बाद काम आता है, कई बार मेडिकल इमरजेंसी या इस तरह के अन्य खर्चों के समय इसकी जरुरत पड़ सकती है, लेकिन इसके बावजूद भी अगर बहुत ज्यादा जरूरी हो तो ही निकालें, और निकालने के समय अपनी एलिजिबिलिटी का खास ध्यान रखें, मसलन अगर 5 लाख तक की एलिजिबिलिटी है तो कोशिश करें की 2 लाख ही निकाला जाए।'

अगर खाते में लगातार पांच वर्षों योगदान नहीं होता है तो ईपीएफ राशि भी कर योग्य है। उस स्थिति में पूरी ईपीएफ राशि को उस वित्तीय वर्ष के लिए कर योग्य आय माना जाता है। ग्राहकों के बैंक खातों में पैसे जमा होने में 10 दिन तक का समय लगता है।

निकासी से पहले यह जान लें: पीएफ फंड से आंशिक निकासी, या 'अग्रिम निकासी' कुछ शर्तों के तहत की जा सकती है। मसलन, कर्ज का पुनर्भुगतान, दो महीने तक मजदूरी न मिलने, घर की खरीद या निर्माण, बेटी की शादी, बेटे/भाई, परिवार के सदस्यों का चिकित्सा उपचार के लिए की जा सकती है।

ग्राहक ईपीएफओ के पोर्टल unifiedportal-mem.epfindia.gov.in के जरिये 'अग्रिम' निकासी के लिए दावा कर सकते हैं। ईपीएफ निकासी के वास्ते ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ग्राहक के पास एक एक्टिव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) और मोबाइल नंबर होना चाहिए। स्वीकृति मिलने के बाद राशि ग्राहक के खाते में जमा हो जाती है।

ईपीएफओ के ग्राहक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन अपना बैलेंस देख सकते हैं। ईपीएफओ मिस्ड कॉल सुविधा और एसएमएस सेवा के माध्यम से भी बैलेंस चेक करने की सुविधा देता है।

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