नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) बेटियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की हई है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 10 वर्ष से कम आयु की बालिका के नाम पर उसके अभिभावक खाता खोल सकते हैं। भारत में डाकघर या किसी भी बैंक में  सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोला जा सकता है। एक परिवार में अधिकतम दो लड़कियों के लिए यह खाता खोला जा सकता है। हालांकि, जुड़वां/तीन बेटियों के जन्म के मामले में दो से ज्यादा खाते खोले जा सकते हैं। इस योजना के तहत काफी अच्छी ब्याज दर पर रिटर्न मिलता है। यह बेटियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है।

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 7.6 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर मिलती है, जो एक अप्रैल 2020 से लागू है। खाता न्यूनतम प्रारंभिक जमा 250 रुपये के साथ खोला जा सकता है। वित्त वर्ष में न्यूनतम जमा 250 रुपये और अधिकतम जमा 1.50 लाख रुपये (50 रुपये के गुणक में) हो सकते हैं। पैसा किस्तों में भी जमा कराया जा सकता है। एकमुस्त भी जमा कराने का भी प्रवधान है। जमा की गई राशि आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए अर्हता प्राप्त है।

यह खाता अभिभावक द्वारा तब तक संचालित किया जाएगा जब तक बालिका बालिग (18 वर्ष की) नहीं हो जाती। बेटी के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने या 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद खाते से निकासी की जा सकती है। पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के अंत में उपलब्ध शेष राशि का 50% तक पैसा निकाला जा सकता है। खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद या बेटी के 18 वर्ष की होने के बाद उसकी शादी के समय (शादी की तारीख से 1 महीने पहले या 3 महीने बाद) यह परिपक्वत होता है।

कैसे खोलें खाता?

खाता खोलने के लिए माता-पिता या अभिभावकों को प्रारंभिक राशि और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ पोस्ट ऑफिस या एसबीआई बैंक में जाकर फॉर्म जमा करना होता है। यह फॉर्म पोस्ट ऑफिस या बैंक में ही मिल जाएगा।

खाता खोलने के लिए दस्तावेज

  • लाभार्थी का जन्म प्रमाण पत्र।
  • लाभार्थी के अभिभावक या माता-पिता का पता प्रमाण और आईडी प्रमाण।

Edited By: Lakshya Kumar

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