नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कोरोना वायरस प्रकोप और लॉकडाउन से प्रभावित अर्थव्यवस्था का असर लोगों की आय के साथ-साथ लगातार उनकी ब्याज आय पर भी पड़ रहा है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद से कई छोटे-बड़े बैंक जमाओं पर ब्याज दरों को घटा चुके हैं। यही नहीं, सरकार समर्थित स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर भी ब्याज दरों में गिरावट आ रही है। अप्रैल से जून तिमाही के लिए पर्सनल प्रोविडेंट फंड (PPF) पर ब्याज दर को 0.80 फीसद घटाकर 7.1 फीसद कर दिया गया था। अब जुलाई से सितंबर वाली तिमाही के लिए पीपीएफ की ब्याज दरों में और कटौती होने की संभावना है।

सरकार हर तीन महीने में स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों को तय करती है। सरकार द्वारा अप्रैल-जून तिमाही के लिए पीपीएफ की ब्याज दर 80 आधार अंक घटाकर 7.1 फीसद तय की गई थी। अब जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए पीपीएफ पर ब्याज दरें तय की जाएंगी। सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार जितेंद्र सोलंकी के अनुसार, अगली तिमाही के लिए सरकार द्वारा पीपीएफ पर ब्याज दरों को घटाए जाने की पूरी संभावना है।

दरअसल, पीपीएफ की ब्याज दरें 10 साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड्स से लिंक्ड होती हैं। सरकारी बॉन्ड यील्ड्स में अप्रैल से ही लगातार गिरावट देखी जा रही है। सोलंकी के अनुसार, जब अप्रैल में पीपीएफ की ब्याज दर 7.1 फीसद तय की गई थी, तब 10 साल का सरकारी बॉन्ड यील्ड्स जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान औसतन 6.42 फीसद रहा था। अब एक अप्रैल के बाद से फिर 10 साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट देखी जा रही है। यह एक अप्रैल से अब तक औसतन 6.07 फीसद रहा है। इसका सीधा मतलब है कि जुलाई से सितंबर की तिमाही में पीपीएफ की ब्याज दरों में गिरावट देखने को मिल सकती है।

जुलाई से सितंबर महीने की तिमाही में सरकार द्वारा पीपीएफ की ब्याज दरों में कटौती करते ही यह सात फीसद से नीचे चली जाएगी। अगर ऐसा हुआ, तो यह 46 सालों में पहली बार होगा, जब पीपीएफ पर ब्याज दर सात फीसद से नीचे होगी।

Posted By: Pawan Jayaswal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस