नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। हर किसी के लिए बचत करना बेहद ही जरूरी होता है। बचत करने से हमें भविष्य में आने वाले आकष्मिक खर्चों से निपटने में सहायता मिलती है। अगर आप अपनी बचत की रकम को जमा करना चाहते हैं और कोई जोखिम भी नहीं लेना चाह रहे हैं तो इंडियन पोस्ट ऑफिस की तरफ से उपलब्ध कराई जाने वाली योजना Kisan Vikas Patra (KVP) के तहत अपना पैसा जमा कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस की इस निवेश योजना में जमाकर्ता को बेहतर रिटर्न के साथ उसके डिपॉजिट पर सरकारी सुरक्षा का लाभ भी मिलता है। पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट की मानें तो अगर आप इस योजना में 10 साल और 4 महीने (124 महीने) तक निवेश करते हैं तो आपकी रकम दोगुनी हो जाएगी। आइए जानते हैं योजना की पूरी जानकारी।

ब्याज की दर

इंडियन पोस्ट की Kisan Vikas Patra (KVP) योजना के तहत, अपना पैसा जमा करने पर आपको वर्तमान में 6.9 फीसद सालाना ब्याज दर का लाभ मिलेगा। यह ब्याज सालाना चक्रवृद्धि है।

निवेश की रकम

इंडियन पोस्ट की Kisan Vikas Patra (KVP) स्कीम में निवेश की गई रकम के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। कोई भी व्यक्ति कम से कम 1,000 रुपये से इस स्कीम में निवेश कर सकता है। अगर आप 50,000 रुपये से अधिक का निवेश करते हैं, तो इसके लिए आपको पैन कार्ड देना होगा। डाकघर की इस स्कीम में निवेश पर ब्याज, वित्त मंत्रालय की तरफ से तय किया जाता है और यह बाजार जोखिमों से संबंधित नहीं है।

कौन खुलवा सकता है अपना खाता

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में कोई भी भारतीय व्यक्ति जो कि बालिग है, अपना खाता खुलवा सकता है। स्कीम में खाता खुलवाने की कोई भी ऊपरी आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इसके तहत नाबालिग के नाम से भी KVP प्रमाणपत्र खरीद सकते हैं। NRI इस स्कीम के लिए पात्र नहीं है।

योजना के बारे में

इंडियन पोस्ट की Kisan Vikas Patra (KVP) स्कीम के नाम से ही यह साफ हो जाता है कि यह योजना किसानों के लिए है। लेकिन इस स्कीम का लाभ कोई भी व्यक्ति उठा सकता है। इस स्कीम में, किसी व्यक्ति को KVP सर्टिफिकेट खरीदने के लिए कम से कम 1,000 रुपये का निवेश करना होगा। डाकघर की इस स्कीम में इनवेस्टमेंट केवल 1,000 रुपये के गुणकों में हो सकता है और इसके तहत इनवेस्ट करने की कोई भी ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है। अगर आप योजना में 50,000 रुपये से अधिक का निवेश कर रहे हैं तो, इसके लिए आपको अपना पैन कार्ड डिटेल देना होगा।

Edited By: Abhishek Poddar